राजस्थान में मुन्नाभाई पार्ट-2 पति ने परीक्षा हॉल के बाहर से दिया ब्लूटूथ सिग्नल, लेकिन पुलिस ने खेल बिगाड़ दिया
News India Live, Digital Desk: राजस्थान में आजकल परीक्षा और 'नकल' का चोली-दामन का साथ हो गया है। सरकार दाल डालती है, तो नकल करने वाले पात-पात चलते हैं। लेकिन इस बार जो मामला सामने आया है, वह थोड़ा ज्यादा चौंकाने वाला है क्योंकि इसमें मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि खुद एक सरकारी कर्मचारी यानी जूनियर क्लर्क (Junior Clerk) है।
हम सब सोचते हैं कि जिसके पास सरकारी नौकरी है, वह सुकून की जिंदगी जी रहा होगा। लेकिन 'लालच' बुरी बला है। यह मामला इसी लालच का नतीजा है।
क्या है पूरा माजरा?
खबर के मुताबिक, राजस्थान पुलिस की एसओजी (SOG) टीम ने एक बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है। आरोपी खुद एक कनिष्ठ लिपिक (Junior Clerk) के पद पर तैनात था। उसे अपनी पत्नी को भी किसी भी तरह सरकारी नौकरी में सेट करना था।
सीधे रास्ते से शायद तैयारी पूरी नहीं थी, तो जनाब ने टेढ़ा रास्ता चुना'ब्लूटूथ से नकल'।
प्लान एकदम हाई-टेक बनाया गया था। परीक्षा हॉल में बैठी पत्नी के पास एक बहुत ही छोटा ब्लूटूथ डिवाइस था (जिसे आसानी से कपड़ों या बालों में छिपाया जा सके)। प्लान यह था कि बाहर से पेपर सॉल्व करके उसे सारे जवाब बताए जाएंगे। उन्हें लगा कि इतनी भीड़ में उन पर किसी की नजर नहीं पड़ेगी।
लेकिन SOG की नजर से नहीं बच पाए
राजस्थान में पेपर लीक और नकल को लेकर SOG आजकल बहुत सख्त मूड में है। उनकी रडार पर संदिग्ध लोग पहले से ही होते हैं। जैसे ही परीक्षा के दौरान गड़बड़ी का इनपुट मिला, टीम एक्शन में आ गई।
जब जाँच हुई, तो पत्नी रंगे हाथों पकड़ी गई और तार सीधे उसके पति से जुड़े निकले। पुलिस के लिए यह हैरानी की बात थी कि एक जिम्मेदार पद पर बैठा व्यक्ति, जो सिस्टम का हिस्सा है, वही सिस्टम को धोखा देने की कोशिश कर रहा था।
अब क्या होगा?
परिणाम बेहद बुरे हुए हैं।
- पत्नी गिरफ्तार: पत्नी को तो जेल की हवा खानी ही पड़ रही है। उसका भविष्य अब अंधकार में है।
- पति की नौकरी खतरे में: जिस सरकारी नौकरी का उन्हें घमंड था, अब वह भी हाथ से जाती दिखेगी। नियम के मुताबिक, ऐसे आपराधिक मामलों में फंसने पर सरकारी कर्मचारी को सस्पेंड और बर्खास्त तक किया जा सकता है।
सबक सीखने की जरूरत
यह घटना उन हज़ारों युवाओं और अभिभावकों के लिए एक चेतावनी है जो सोचते हैं कि पैसे या जुगाड़ से नौकरी पाई जा सकती है। टेक्नोलॉजी जितनी आगे बढ़ी है, पुलिस की पकड़ भी उतनी ही मजबूत हुई है। एक छोटी सी गलती, और बरसों की मेहनत मिट्टी में मिल जाती है।