महंगाई की मार से हिल गया ट्रम्प का गेम क्यों अमेरिकी जनता खो रही है दोनॉल्ड ट्रम्प पर भरोसा

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News India Live, Digital Desk : अंतर्राष्ट्रीय राजनीति हमेशा चुनावी समीकरणों और जनता के भरोसे पर चलती है। अमेरिका में अगला राष्ट्रपति चुनाव आने वाला है, लेकिन रिपब्लिकन पार्टी के बड़े चेहरे और पूर्व राष्ट्रपति दोनॉल्ड ट्रम्प के लिए चीजें इस बार थोड़ी मुश्किल होती दिख रही हैं। राजनीतिक दावों और ज़ोरदार रैलियों के बावजूद, जो संकेत सामने आ रहे हैं, वो बताते हैं कि अमेरिकी जनता का भरोसा अब उनके नाम से डगमगाने लगा है।

असल दिक्कत इकोनॉमी में है, नेता में नहीं!

जनता किसी भी नेता को सबसे पहले तब सपोर्ट करती है जब उनकी अपनी जेब और भविष्य सुरक्षित लगता हो। अमेरिका में आज सबसे बड़ी समस्या क्या है? दो बातें महंगाई (Inflation) और बेरोजगारी (Unemployment)।

पिछले कुछ महीनों से अमेरिका में जीवनयापन की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। किराने के सामान से लेकर ईंधन तक सब कुछ महंगा होता जा रहा है। ऐसे में जनता ये सोचने पर मजबूर है कि क्या मौजूदा या संभावित नेता उनकी आर्थिक मुश्किलें दूर कर पाएंगे।

रिपोर्ट्स और सर्वेक्षण (Surveys) बताते हैं कि ट्रम्प की तमाम बड़ी रैलियों और भाषणों के बावजूद, काफी मतदाता यह मानते हैं कि अगर ट्रम्प फिर से सत्ता में आते हैं, तो शायद वो बढ़ती महंगाई और नौकरियों के मुद्दे (US Job Market) को प्रभावी ढंग से नहीं संभाल पाएंगे।

मंदी की आशंका का खतरा (Sign of Recession)

ट्रम्प को एक 'मज़बूत इकोनॉमी मैन' माना जाता रहा है, लेकिन अब अमेरिकी अर्थव्यवस्था (US Economy) के सामने एक बड़ा खतरा मंडरा रहा है मंदी की आशंका

  • लगातार ऊँचे ब्याज़ दर (High Interest Rates)।
  • मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आई सुस्ती।
  • और सबसे बड़ी बात, बढ़ते लोन का बोझ।

ये सारे संकेत कहीं न कहीं ये दर्शाते हैं कि अमेरिका में आने वाले समय में आर्थिक गतिविधियाँ धीमी हो सकती हैं। जनता ये मानती है कि चाहे वो डेमोक्रेट हो या रिपब्लिकन, ये आर्थिक संकेत अच्छे नहीं हैं और नेताओं को इन समस्याओं से लड़ने के लिए एकदम स्पष्ट प्लान सामने रखना होगा।

ट्रम्प का जनाधार क्यों खिसक रहा है?

राजनीतिक पंडित मानते हैं कि यह विश्वास में आई कमी सिर्फ आर्थिक नहीं है, बल्कि यह उनकी सार्वजनिक छवि और उनके तमाम कानूनी मुकदमों (Legal Battles of Donald Trump) से भी जुड़ी है। जब कोई नेता बार-बार विवादों में घिरा रहता है, तो मध्यम वर्ग के लोग, जो अपनी नौकरी और परिवार पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं, ऐसे अस्थिर नेता से दूर भागने लगते हैं।

भले ही ट्रम्प की अपनी एक लॉयल फॉलोइंग हो, लेकिन जीत के लिए उन्हें उन 'स्विन्ग वोटर्स' (Swing Voters) को साधना होगा जो सीधे तौर पर सिर्फ महंगाई, बेरोजगारी, और अपनी वित्तीय स्थिरता (Financial Stability) को देखते हैं।

आने वाले अमेरिकी चुनाव में, यह साफ दिख रहा है कि जनता महंगाई और आर्थिक मंदी के खतरों को हल्के में नहीं ले रही है, और यह दोनों कारक डॉनल्ड ट्रम्प के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभर रहे हैं।