सुप्रीम कोर्ट से झटका खाकर भी नहीं रुकेंगे ट्रंप टैरिफ के लिए निकाला प्लान-B, जानें अब कैसे दुनिया पर मढ़ेंगे भारी टैक्स

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News India Live, Digital Desk : अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा 'ग्लोबल टैरिफ' को असंवैधानिक करार दिए जाने के बाद ऐसा लग रहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाथ बंध गए हैं। लेकिन हकीकत इसके उलट है। कानूनी जानकारों और व्हाइट हाउस के सूत्रों का मानना है कि ट्रंप इस हार से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने टैरिफ लागू करने के लिए अब 'प्लान-B' तैयार कर लिया है, जो अदालती आदेश के बावजूद उनके टैक्स एजेंडे को आगे बढ़ा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले की काट क्या है?

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप द्वारा इस्तेमाल किए गए 1977 के 'आपातकालीन कानून' (IEEPA) के तहत लगाए गए टैक्स को रद्द किया है। लेकिन अमेरिकी कानून की किताबों में कई ऐसे रास्ते और भी हैं जिनका इस्तेमाल राष्ट्रपति सीधे तौर पर कर सकते हैं:

धारा 232 (Section 232): इस कानून के तहत राष्ट्रपति 'राष्ट्रीय सुरक्षा' का हवाला देकर किसी भी सामान पर आयात शुल्क लगा सकते हैं। इसके लिए उन्हें कोर्ट से अनुमति की जरूरत नहीं होती।

धारा 301 (Section 301): अगर अमेरिका को लगता है कि कोई देश व्यापार में अनुचित व्यवहार (Unfair Trade Practices) कर रहा है, तो राष्ट्रपति उस देश के खिलाफ दंडात्मक टैरिफ लगा सकते हैं।

कांग्रेस का समर्थन: ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का संसद (कांग्रेस) में बहुमत है। वे एक नया कानून पारित करवाकर टैरिफ को कानूनी रूप से वैध बना सकते हैं।

ट्रंप का 'टैरिफ वॉर' क्यों है खतरनाक?

डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि आयातित सामानों पर टैक्स लगाने से अमेरिकी फैक्ट्रियों को फायदा होगा। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ट्रंप दूसरे रास्ते अपनाते हैं, तो:

वैश्विक व्यापार युद्ध (Trade War): भारत, चीन और यूरोपीय देश जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं।

महंगाई का खतरा: अमेरिका में ही विदेशी सामान महंगे होने से आम जनता पर बोझ बढ़ेगा।

शेयर बाजार में हलचल: अनिश्चितता के कारण ग्लोबल मार्केट में भारी गिरावट आ सकती है।

क्या भारत पर होगा असर?

अगर ट्रंप 'प्लान-B' के तहत सेक्शन 232 या 301 का इस्तेमाल करते हैं, तो भारत के स्टील, एल्युमीनियम और आईटी सेक्टर पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। ट्रंप पहले भी भारत को 'टैरिफ किंग' कह चुके हैं, ऐसे में वे भारत से आने वाले सामानों पर निशाना साध सकते हैं।

व्हाइट हाउस की अगली चाल

सूत्रों के अनुसार, ट्रंप की कानूनी टीम पहले ही नए कार्यकारी आदेश (Executive Orders) तैयार कर रही है। आने वाले हफ्तों में ट्रंप प्रशासन यह साबित करने की कोशिश करेगा कि आयातित सामान अमेरिकी सुरक्षा के लिए खतरा हैं, ताकि पुराने कानूनों के जरिए नया टैक्स थोपा जा सके।