दुनिया के सबसे बड़े ब्लैक गोल्ड के खजाने पर ट्रंप की नज़र, जानें अमेरिका का नया सीक्रेट मास्टरप्लान

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News India Live, Digital Desk : इंटरनेशनल पॉलिटिक्स में कब क्या हो जाए, कहना मुश्किल है। अक्सर हमारी नजरें रूस या चीन की तरफ होती हैं, लेकिन पर्दे के पीछे वेनेजुएला को लेकर एक बहुत बड़ा गेम शुरू हो चुका है। चर्चा है कि डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला की सत्ता और वहां के अथाह तेल भंडारों को अपनी रणनीति में लाने के लिए एक '3-फेज प्लान' तैयार किया है। ये योजना सुनने में जितनी साधारण लगती है, हकीकत में ये उतनी ही पेचीदा है।

आखिर वेनेजुएला ही क्यों?
दरअसल, माजरा ये है कि वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा तेल (Crude Oil) का भंडार है। अमेरिका के ठीक नीचे बसा ये देश तेल का इतना बड़ा धनी है कि अगर यहाँ सही से खुदाई और सप्लाई हो, तो दुनिया में तेल की कीमतें काफी नीचे आ सकती हैं। ट्रंप हमेशा से 'अमेरिका फर्स्ट' की बात करते रहे हैं, और उनके लिए सस्ता तेल और अपनी मर्जी की सत्ता वाला पड़ोसी देश काफी अहम है।

वो तीन चरण क्या हैं?
ट्रंप की इस रणनीति के तीन मुख्य पड़ाव बताए जा रहे हैं। पहले चरण में अमेरिका वहां की मौजूदा सरकार पर दबाव बनाकर अपनी बात मनवाना चाहता है। दूसरे चरण में वहां एक ऐसा नेतृत्व खड़ा करने की कोशिश होगी जो अमेरिका का साथ दे, और तीसरा यानी आखिरी चरण होगा—वेनेजुएला के पावर प्लांट और तेल के कुओं पर अपना प्रभाव बढ़ाना। यह प्लान सिर्फ वेनेजुएला को कंट्रोल करने के लिए नहीं, बल्कि दुनिया भर के एनर्जी सेक्टर में अपनी बादशाहत कायम करने के लिए है।

आम आदमी की जेब पर क्या होगा असर?
अगर ये प्लान कामयाब होता है, तो पूरी दुनिया के साथ-साथ भारत पर भी इसका असर पड़ सकता है। फिलहाल तेल को लेकर जो ओपेक (OPEC) देशों की मनमानी चलती है, उसे ट्रंप वेनेजुएला के जरिए बैलेंस करना चाहते हैं। अगर मार्केट में ज्यादा तेल आएगा, तो कीमतें कम हो सकती हैं, जिससे ट्रांसपोर्ट से लेकर रसोई गैस तक के दाम गिरने की उम्मीद जागती है।