Trigrahi Yoga 2026: 15 मार्च को सूर्य का मीन राशि में महागोचर, 'त्रिग्रही योग' से इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत

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लखनऊ, ब्यूरो।वैदिक ज्योतिष में 'ग्रहों के राजा' कहे जाने वाले सूर्य देव जल्द ही बड़ा राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। वर्तमान में अपने पुत्र शनि की राशि (कुंभ) में विराजमान सूर्य, 15 मार्च 2026 को अपने मित्र देवगुरु बृहस्पति की राशि मीन में प्रवेश करेंगे। इस गोचर से एक बेहद दुर्लभ और शुभ संयोग बनने जा रहा है। मीन राशि में पहले से मौजूद ग्रहों के साथ सूर्य के मिलने से त्रिग्रही योग और शुक्रादित्य राजयोग का निर्माण होगा, जो विशेष रूप से 3 राशियों के लिए भाग्योदय का कारण बनेगा।

कब बन रहा है यह दुर्लभ संयोग?

पंचांग के अनुसार, 15 मार्च 2026 को देर रात 01:08 बजे सूर्य देव मीन राशि में गोचर करेंगे और 14 अप्रैल 2026 तक यहीं स्थित रहेंगे। मीन राशि में सूर्य, शुक्र और शनि के एक साथ आने से यह शक्तिशाली 'त्रिग्रही योग' बनेगा। ज्योतिष शास्त्र में जब तीन ग्रह एक ही राशि या भाव में संयोग करते हैं, तो इसका मानव जीवन पर गहरा और व्यापक प्रभाव पड़ता है।

इन 3 राशियों के लिए वरदान साबित होगा 'त्रिग्रही योग'

मिथुन राशि (Gemini):

गोचर का प्रभाव: आपके तीसरे भाव के स्वामी होकर सूर्य देव आपके दसवें भाव (कर्म भाव) में गोचर करेंगे।

मिलने वाले लाभ: यह त्रिग्रही योग आपके लिए कई मायनों में लाभकारी सिद्ध होगा। जीवन में भौतिक सुख-सुविधाओं में शानदार वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में आपका प्रभाव बढ़ेगा और आप अपने शत्रुओं व विरोधियों पर आसानी से विजय प्राप्त करेंगे।

कर्क राशि (Cancer):

गोचर का प्रभाव: सूर्य आपके नौवें भाव (भाग्य भाव) में प्रवेश करेंगे।

मिलने वाले लाभ: सूर्य, शुक्र और शनि का यह मिलन आपको भाग्य का भरपूर साथ दिलाएगा। आय के नए और मजबूत स्रोत खुलेंगे, जिससे धन प्राप्ति होगी। इसके अलावा, जो छात्र उच्च शिक्षा का सपना देख रहे हैं, उन्हें मनचाही सफलता मिल सकती है।

धनु राशि (Sagittarius):

गोचर का प्रभाव: भाग्य भाव के स्वामी होकर सूर्य आपके चतुर्थ भाव (सुख भाव) में गोचर करेंगे।

मिलने वाले लाभ: यह गोचर आपके सुखों में वृद्धि करेगा। किस्मत आप पर मेहरबान रहेगी। यदि आप लंबे समय से भूमि, भवन (नया घर) या कोई मनपसंद वाहन खरीदने की योजना बना रहे थे, तो इस अवधि में आपका यह सपना साकार हो सकता है।

कुंडली में सूर्य को मजबूत करने और शुभ फल पाने के उपाय

यदि आप भी सूर्य देव के इस गोचर का अधिकतम लाभ उठाना चाहते हैं, तो अपनी दिनचर्या में इन सरल उपायों को शामिल कर सकते हैं:

सूर्य को अर्घ्य: प्रतिदिन सुबह स्नान के बाद एक तांबे के पात्र (लोटे) में जल लें। उसमें थोड़ा सा रोली और लाल फूल डालकर उगते हुए सूर्य देव को अर्घ्य दें।

मंत्र का जाप: जल अर्पित करते समय सूर्य के प्रभावशाली मंत्र "ॐ ह्रीं हः सूर्याय नमः" का 11, 21 या 108 बार स्पष्ट उच्चारण के साथ जाप करें।

विशेष पाठ: कुंडली में सूर्य ग्रह की स्थिति को और अधिक मजबूत बनाने के लिए नियमित रूप से सूर्य चालीसा या आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना अत्यधिक फलदायी माना जाता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री और भविष्यवाणियां सामान्य ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित हैं। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते हैं। कृपया किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय या उपाय को अपनाने से पहले अपने व्यक्तिगत ज्योतिषाचार्य या विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

क्या आप जानना चाहते हैं कि इस 'त्रिग्रही योग' का आपकी विशिष्ट राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा, या क्या मैं आपके लिए आज का पंचांग निकाल कर दूँ?

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