सऊदी अरब में तेजी से बदलते नियम और महिला पर्यटकों के लिए ड्रेस कोड की सच्चाई
कभी दुनिया के सबसे रूढ़िवादी और सख्त कानूनों वाले देशों में गिने जाने वाले सऊदी अरब में पिछले कुछ वर्षों के दौरान पर्यटकों के लिए नियमों में अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिले हैं। खाड़ी देशों के इस प्रमुख राष्ट्र ने अपनी अर्थव्यवस्था को तेल पर निर्भरता से हटाकर पर्यटन और वैश्विक निवेश की ओर तेजी से मोड़ा है, जिसके चलते विदेशी पर्यटकों के लिए कई प्रकार की पाबंदियों को आसान बनाया गया है। देश के विजन 2030 के तहत पर्यटन सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए विदेशी सैलानियों का स्वागत खुले दिल से किया जा रहा है। यही वजह है कि अब दुनिया भर से लोग ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को देखने के लिए सऊदी अरब का रुख कर रहे हैं। ऐसे में जो महिलाएं या कपल्स पहली बार इस देश की यात्रा करने की योजना बनाते हैं, उनके जेहन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि क्या वहां सार्वजनिक रूप से बुर्का या पारंपरिक अबाया पहनना कानूनी रूप से अनिवार्य है या फिर पश्चिमी शैली के शालीन कपड़े भी पहने जा सकते हैं।
क्या सऊदी अरब में महिलाओं के लिए बुर्का या अबाया पहनना अब भी है जरूरी?
इस सवाल का सीधा और स्पष्ट जवाब यह है कि विदेशी महिला पर्यटकों के लिए अब सऊदी अरब में पारंपरिक काले रंग का बुर्का या अबाया पहनना कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं है। कुछ साल पहले तक स्थानीय और विदेशी सभी महिलाओं के लिए सार्वजनिक स्थलों पर सिर ढककर काला अबाया पहनना पूरी तरह से बाध्यकारी था और नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाती थी। लेकिन अब नियमों में ऐतिहासिक ढील दी जा चुकी है। आज के समय में विदेशी महिला पर्यटकों को जबरन अबाया या सिर पर हिजाब ओढ़ने के लिए बाध्य नहीं किया जाता है। कानूनन अब महिलाएं अपनी पसंद के ऐसे शालीन कपड़े पहनकर घूम सकती हैं जो स्थानीय संस्कृति और शालीनता के दायरे का सम्मान करते हों। हालांकि, देश की स्थानीय संस्कृति के प्रति आदरभाव दिखाने के लिए आज भी कई पर्यटक और विदेशी नागरिक स्वेच्छा से हल्के और खुले लिबास या केप-स्टाइल के गाउन पहनना पसंद करते हैं, ताकि वे स्थानीय माहौल में सहज महसूस कर सकें।
शालीनता और सार्वजनिक शिष्टाचार के नए नियम, पर्यटकों को किन बातों का रखना होगा खास ध्यान
भले ही सऊदी सरकार ने विदेशी महिलाओं के लिए बुर्का पहनने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया हो, लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं है कि वहां किसी भी प्रकार के आधुनिक या अमर्यादित कपड़े पहनने की पूरी छूट मिल गई है। सऊदी अरब के पब्लिक डीसेंट यानी सार्वजनिक शालीनता के नियम (Public Decency Regulations) आज भी बहुत स्पष्ट और कड़े हैं, जिनका पालन देश के भीतर रहने वाले हर नागरिक और विदेशी पर्यटक के लिए अनिवार्य होता है। इन नियमों के मुताबिक, महिलाओं और पुरुषों दोनों को ही ऐसे कपड़े पहनने की हिदायत दी जाती है जो बहुत अधिक तंग (Tight), पारदर्शी (Transparent) या शरीर के अंगों को अधिक उजागर करने वाले न हों। महिला पर्यटकों के लिए यह सलाह दी जाती है कि वे अपने कंधे, घुटने और बांहों को ढकने वाले ढीले-ढाले कपड़े जैसे कि मैक्सी ड्रेस, वाइड-लेग पैंट, लॉन्ग स्कर्ट या फुल-स्लीव ट्यूनी का चयन करें। यदि पहनावा शालीनता के दायरे से बाहर होता है, तो स्थानीय प्रशासन या पुलिस द्वारा आपत्ति जताई जा सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
धार्मिक स्थलों और रूढ़िवादी क्षेत्रों में प्रवेश के दौरान किन नियमों का करना होता है पालन
सऊदी अरब के सभी शहर एक जैसे आधुनिक या खुले विचारों वाले नहीं हैं, इसलिए यात्रा के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखना जरूरी है कि आप देश के किस हिस्से में घूम रहे हैं। राजधानी रियाद, आधुनिक तटीय शहर जेद्दाह और ऐतिहासिक पर्यटन स्थल अल-उला जैसे महानगरों में पर्यटकों को लेकर काफी खुलापन और लचीलापन देखने को मिलता है, जहां बिना अबाया के घूमने पर कोई रोक-टोक नहीं होती। इसके विपरीत, यदि आप देश के अधिक पारंपरिक, ग्रामीण या धार्मिक रूप से संवेदनशील इलाकों में जाते हैं, तो वहां स्थानीय लोग आज भी पारंपरिक वेशभूषा को ही सर्वोपरि मानते हैं। ऐसे क्षेत्रों में यदि महिला पर्यटक शालीन और ढके हुए कपड़े नहीं पहनती हैं, तो उन्हें लोगों की असहज नजरों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, मक्का और मदीना जैसे पवित्र इस्लामिक तीर्थस्थलों या देश की किसी भी मस्जिद के अंदर प्रवेश करते समय सभी महिलाओं (चाहे वे स्थानीय हों या विदेशी) के लिए सिर को स्कार्फ या हिजाब से पूरी तरह ढंकना और शरीर को पूरी तरह से कवर करने वाले कपड़े पहनना आज भी पूरी तरह से अनिवार्य है।
सुरक्षित और आरामदायक यात्रा के लिए पर्यटकों को क्या अपनानी चाहिए रणनीति
यदि आप आने वाले दिनों में सऊदी अरब की यात्रा पर जाने का मन बना रही हैं, तो अपनी पैकिंग करते समय वहां के सांस्कृतिक परिवेश और मौसम को ध्यान में रखना सबसे समझदारी भरा कदम होगा। रेगिस्तानी जलवायु और चिलचिलाती धूप को देखते हुए सूती (Cotton) और लीनन (Linen) जैसे हल्के और हवादार कपड़ों को अपने बैग में प्राथमिकता दें, जो दिखने में शालीन होने के साथ-साथ पहनने में भी बेहद आरामदायक होते हैं। अपने साथ एक हल्का दुपट्टा, स्टोल या पश्मीना शॉल हमेशा साथ रखें, जो अचानक किसी मस्जिद या पारंपरिक बाजार में प्रवेश करते वक्त सिर या कंधों को ढंकने के बहुत काम आता है। यदि आप बिना किसी झंझट के लोकल माहौल में घुलना-मिलना चाहती हैं, तो आप चाहें तो स्थानीय बाजारों से एक खूबसूरत और हल्के रंग का अबाया या किमेलो खरीदकर पहन सकती हैं, जो आपको धूप से बचाने के साथ-साथ एक परफेक्ट टूरिस्ट लुक भी देता है। नियमों की सही समझ और स्थानीय संस्कृति के प्रति सम्मान आपकी इस ऐतिहासिक यात्रा को बेहद सुरक्षित, यादगार और आनंददायक बना देगा।