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April 10 2026 07:51 pm

Aaj Ka Panchang 7 April 2026: मंगलवार के दिन बन रहे हैं रवि और विडाल जैसे खास योग, शुभ काम से पहले जरूर चेक करें राहुकाल!

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हिंदू धर्म में किसी भी शुभ और मांगलिक कार्य को शुरू करने से पहले पंचांग देखना बेहद जरूरी माना जाता है। आज 7 अप्रैल 2026, दिन मंगलवार है। आज वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है। आज के दिन विंछुड़ो, गण्ड मूल, रवि योग और विडाल योग जैसे कई महत्वपूर्ण ज्योतिषीय योग बन रहे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं आज का संपूर्ण पंचांग, जिसमें आपको सूर्योदय-सूर्यास्त, शुभ-अशुभ मुहूर्त और ग्रहों की स्थिति की सटीक जानकारी मिलेगी।

पंचांग की मुख्य बातें (Key Highlights)

तिथि: वैशाख कृष्ण पक्ष पंचमी (शाम 04:34 बजे तक), उसके बाद षष्ठी तिथि लग जाएगी।

दिन: मंगलवार

नक्षत्र: ज्येष्ठा (8 अप्रैल सुबह 05:53 बजे तक), उसके बाद मूल नक्षत्र।

चंद्र राशि: चंद्रमा वृश्चिक राशि में संचार करेंगे (8 अप्रैल सुबह 05:53 बजे तक), उसके बाद धनु राशि में प्रवेश करेंगे।

सूर्य राशि: सूर्य मीन राशि में विराजमान हैं।

विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि)

शक सम्वत: 1948 (पराभव)

महीना: वैशाख (पूर्णिमांत), चैत्र (अमांत)

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय

सूर्योदय: सुबह 06:08 बजे

सूर्यास्त: शाम 06:38 बजे

चंद्रोदय: रात 11:45 बजे

चन्द्रास्त: 8 अप्रैल, सुबह 09:49 बजे

आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

अगर आप आज कोई नया व्यापार शुरू करने, यात्रा पर जाने या पूजा-पाठ की योजना बना रहे हैं, तो इन शुभ मुहूर्तों का ध्यान रखें:

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12:48 बजे तक (यह समय किसी भी नए कार्य के लिए सबसे उत्तम माना जाता है)।

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:30 बजे से 05:18 बजे तक।

अमृत काल: रात 08:00 बजे से 09:48 बजे तक।

आज के अशुभ मुहूर्त (Inauspicious Timings)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अशुभ काल में किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए:

राहुकाल: दोपहर 03:30 बजे से शाम 05:04 बजे तक (इस दौरान शुभ कार्य वर्जित होते हैं)।

यम गण्ड: सुबह 09:15 बजे से 10:49 बजे तक।

कुलिक काल: दोपहर 12:23 बजे से 01:56 बजे तक।

दुर्मुहूर्त: सुबह 08:38 बजे से 09:28 बजे तक और रात 11:13 बजे से 11:59 बजे तक।

वर्ज्यम्: सुबह 09:13 बजे से 11:01 बजे तक।

आज के योग और करण

योग: व्यातीपात योग (दोपहर 04:16 बजे तक), उसके बाद वरीयान योग।

करण: तैतिल (दोपहर 04:35 बजे तक), उसके बाद गर (8 अप्रैल सुबह 05:48 बजे तक), और फिर वणिज करण।

आनन्दादि योग: मुद्गर (सुबह 05:53 बजे तक), उसके बाद छत्र योग।