क्या है सूर्य-गुरु केंद्र दृष्टि योग? 9 अप्रैल से शुरू होगा उथल-पुथल का दौर
जब ग्रहों के राजा सूर्य और देवताओं के गुरु बृहस्पति एक-दूसरे से चौथे या दसवें भाव में स्थित होते हैं, तो 'केंद्र दृष्टि योग' का निर्माण होता है। सूर्य जहां सत्ता, अहंकार और आत्मविश्वास का प्रतीक है, वहीं गुरु ज्ञान और विस्तार के कारक हैं। उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, 9 अप्रैल 2026 को बनने वाला यह योग आत्मविश्वास और विवेक के बीच टकराव पैदा करेगा। इसके प्रभाव से व्यक्ति भ्रमित हो सकता है और गलत फैसले लेने की संभावना बढ़ जाती है।
इन 5 राशियों पर मंडरा रहे हैं संकट के बादल: रहना होगा बेहद सावधान
ज्योतिष गणना के मुताबिक, इस अशुभ दृष्टि योग का सबसे नकारात्मक प्रभाव पांच विशेष राशियों पर पड़ने वाला है। अगर आपकी राशि इनमें से एक है, तो आने वाले दिनों में आपको विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए:
मेष राशि: आपके मन में अस्थिरता और भावनात्मक उथल-पुथल बढ़ सकती है। जल्दबाजी में लिया गया कोई भी फैसला करियर या रिश्तों में दरार डाल सकता है। धैर्य ही आपका एकमात्र सहारा है।
वृषभ राशि: आर्थिक मोर्चे पर यह समय भारी पड़ सकता है। अचानक आने वाले खर्च आपका बजट बिगाड़ देंगे। निवेश करने से बचें और किसी को पैसा उधार न दें, वरना वापस मिलना मुश्किल होगा।
सिंह राशि: सूर्य आपकी राशि के स्वामी हैं, लेकिन गुरु की दृष्टि तनाव पैदा कर सकती है। परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद और सेहत में गिरावट की आशंका है। वाहन चलाते समय एहतियात बरतें।
वृश्चिक राशि: व्यापार में धन हानि के संकेत मिल रहे हैं। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां आपको मानसिक रूप से थका सकती हैं। कोई भी नया प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए यह समय सही नहीं है।
कुंभ राशि: आपकी सोच और भावनाओं में विरोधाभास पैदा होगा। कार्यक्षेत्र में भ्रम की स्थिति बनी रहेगी। शांति से समय बिताएं और किसी भी बड़े बदलाव से अभी दूर रहें।
बुरे प्रभाव से बचने के सटीक उपाय: दान और मंत्र देंगे राहत
अगर आपकी राशि पर इस योग का अशुभ प्रभाव दिख रहा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। ज्योतिष शास्त्र में इसके शमन के लिए कुछ प्रभावी उपाय बताए गए हैं:
मंत्र जाप: सूर्य देव के मंत्र 'ॐ घृणि सूर्याय नम:' और गुरु के मंत्र 'ॐ बृं बृहस्पतये नम:' का नियमित जाप करें।
दान पुण्य: जरूरतमंदों को लाल या पीले रंग के वस्त्र, चने की दाल या गुड़ का दान करें।
जीव सेवा: गाय या अन्य पशुओं को हरा चारा खिलाना आपके कष्टों को कम कर सकता है।
पीला रंग: गुरुवार के दिन पीले रंग के भोजन का प्रयोग करें और माथे पर केसर का तिलक लगाएं।