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April 13 2026 08:04 pm

पोप लियो ने डोनाल्ड ट्रंप पर साधा निशाना बोले मुझे उनसे डर नहीं लगता, बयानों से गरमाई वैश्विक राजनीति

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News India Live, Digital Desk: वैटिकन सिटी और वाशिंगटन के बीच वैचारिक टकराव अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। पोप लियो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और उनके कार्य करने के तरीके पर कड़ा प्रहार किया है। एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान दिए गए अपने संबोधन में पोप ने बिना किसी हिचकिचाहट के कहा कि वे ट्रंप की धमकियों या उनके प्रभाव से डरने वाले नहीं हैं। पोप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ट्रंप प्रशासन की कई अंतरराष्ट्रीय नीतियों को लेकर दुनिया भर में बहस छिड़ी हुई है।

'मैं उनसे नहीं डरता': पोप का बेबाक अंदाज

पोप लियो ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि वे किसी भी राजनीतिक शक्ति के सामने झुकने के बजाय मानवता और शांति के सिद्धांतों पर अडिग रहेंगे। उन्होंने कहा, "मैं डोनाल्ड ट्रंप से नहीं डरता। मेरा काम सत्य और न्याय के मार्ग पर चलना है, चाहे सामने कोई भी हो।" पोप ने ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति और उनके कठोर आव्रजन (Immigration) नियमों की ओर इशारा करते हुए कहा कि दीवारें बनाना कभी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। उनके इस बयान को ट्रंप के नेतृत्व के प्रति एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

विवादास्पद नीतियों पर जताया कड़ा विरोध

पोप और ट्रंप के बीच यह जुबानी जंग पुरानी है, लेकिन इस बार पोप के तेवर पहले से कहीं अधिक सख्त नजर आ रहे हैं। उन्होंने पर्यावरण, मानवाधिकार और वैश्विक एकता जैसे मुद्दों पर ट्रंप प्रशासन के रुख की आलोचना की। पोप लियो का मानना है कि वर्तमान अमेरिकी नेतृत्व वैश्विक सहयोग के बजाय विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा दे रहा है। वैटिकन के सूत्रों के अनुसार, पोप इस बात से चिंतित हैं कि ट्रंप के फैसले दुनिया में अस्थिरता पैदा कर सकते हैं।

ट्रंप प्रशासन की प्रतिक्रिया पर टिकी नजरें

डोनाल्ड ट्रंप, जो सोशल मीडिया और रैलियों के जरिए अपने विरोधियों को जवाब देने के लिए जाने जाते हैं, उनकी ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, वाशिंगटन के राजनीतिक गलियारों में पोप के इस बयान को लेकर चर्चा तेज है। ट्रंप समर्थकों का मानना है कि पोप को किसी देश के आंतरिक राजनीतिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए, जबकि उनके आलोचक पोप के इस साहस की सराहना कर रहे हैं।

धार्मिक और राजनीतिक जगत में खलबली

पोप लियो के इस बयान ने न केवल ईसाइयों के बीच बल्कि वैश्विक राजनीतिक मंच पर भी हलचल मचा दी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पोप के इस रुख से ट्रंप अपनी कुछ विवादित नीतियों में नरमी लाते हैं या फिर दोनों के बीच यह टकराव और गहराएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयानों से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में नए समीकरण बन सकते हैं।