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April 10 2026 01:05 pm

आज कालाष्टमी पर बन रहा है शुक्रवार का अद्भुत संयोग, मां लक्ष्मी की कृपा के लिए करें ये 5 अचूक उपाय, जानें राहुकाल का समय

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News India Live, Digital Desk: आज यानी 10 अप्रैल 2026, शुक्रवार को चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है, जिसे 'कालाष्टमी' (Kalashtami) के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भगवान शिव के रौद्र रूप 'काल भैरव' की उपासना के लिए समर्पित है। विशेष बात यह है कि आज शुक्रवार का दिन होने के कारण मां लक्ष्मी की पूजा का भी महासंयोग बन रहा है। यदि आप आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं या जीवन में शत्रुओं का भय है, तो आज का दिन आपके लिए बेहद कल्याणकारी सिद्ध हो सकता है।

आज का पंचांग और शुभ मुहूर्त (10 अप्रैल 2026)

आज के दिन किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले शुभ और अशुभ समय का ज्ञान होना आवश्यक है। पंचांग के अनुसार आज की स्थिति कुछ इस प्रकार है:

तिथि: चैत्र कृष्ण अष्टमी (कालाष्टमी)।

दिन: शुक्रवार।

नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा।

योग: वरियान।

राहुकाल (नोएडा/दिल्ली): सुबह 10:45 बजे से दोपहर 12:21 बजे तक (इस समय शुभ कार्यों से बचें)।

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:57 से 12:48 तक (किसी भी कार्य के लिए श्रेष्ठ समय)।

शुक्रवार और कालाष्टमी: मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के उपाय

आज शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित है और कालाष्टमी होने के कारण शक्ति की उपासना का भी महत्व बढ़ जाता है। धन और वैभव की प्राप्ति के लिए आज ये 5 उपाय जरूर करें:

कमल गट्टे की माला: आज शाम के समय मां लक्ष्मी को गुलाबी फूल अर्पित करें और कमल गट्टे की माला से 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद' मंत्र का जाप करें।

खीर का भोग: माता लक्ष्मी को केसर युक्त खीर का भोग लगाएं और बाद में इसे कन्याओं में वितरित करें। इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है।

काल भैरव की पूजा: कालाष्टमी के दिन शाम को काल भैरव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इससे नजर दोष और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

सफेद वस्तुओं का दान: शुक्रवार होने के कारण आज सफेद चीजें जैसे दूध, दही, चीनी या सफेद वस्त्रों का दान करना शुक्र ग्रह को मजबूत करता है।

कपूर का उपाय: घर के मुख्य द्वार पर कपूर जलाकर आरती करें, इससे दरिद्रता का नाश होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

काल भैरव और महालक्ष्मी का समन्वय

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, काल भैरव को 'काशी का कोतवाल' और तंत्र-मंत्र का अधिष्ठाता माना जाता है, जबकि मां लक्ष्मी ऐश्वर्य की देवी हैं। आज के दिन दोनों की संयुक्त कृपा से न केवल धन का आगमन होता है, बल्कि उस धन की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है। कालाष्टमी का व्रत रखने वाले जातकों को आज तामसिक भोजन और विवादों से दूर रहना चाहिए।