Title Controversy : फिल्म घूसखोर पंडित के नाम पर मचा बवाल अनूप जलोटा ने मेकर्स को दी नसीहत
News India Live, Digital Desk : बॉलीवुड में फिल्मों के नाम को लेकर विवाद होना कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार मामला एक विशेष समुदाय की भावनाओं से जुड़ा है। फिल्म 'घूसखोर पंडित' के शीर्षक पर ब्राह्मण समाज और कई संगठनों ने आपत्ति जताई है। अब इस विवाद में मशहूर गायक अनूप जलोटा की एंट्री हुई है। उन्होंने फिल्म के मेकर्स को एक ऐसा सुझाव दिया है जिससे विवाद खत्म होने की उम्मीद जताई जा रही है।
क्या है पूरा विवाद?
फिल्म के शीर्षक में 'घूसखोर' शब्द के साथ 'पंडित' जोड़ने पर विरोध शुरू हुआ। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि 'पंडित' शब्द एक जाति और विद्वता का प्रतीक है, जिसे भ्रष्टाचार (घूसखोरी) के साथ जोड़ना अपमानजनक है। मामला बढ़ता देख अनूप जलोटा ने बीच-बचाव किया है।
अनूप जलोटा का 'पुजारी' फॉर्मूला
अनूप जलोटा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना गलत है। उन्होंने सुझाव दिया:"पंडित शब्द एक जाति विशेष को संबोधित करता है, जिससे लोग आहत हो सकते हैं। बेहतर होगा कि फिल्म का नाम बदलकर 'घूसखोर पुजारी' कर दिया जाए। 'पुजारी' एक पेशा (Profession) है, जाति नहीं। किसी भी जाति का व्यक्ति पुजारी हो सकता है, इसलिए इस नाम से किसी विशेष समुदाय को आपत्ति नहीं होगी।"
मेकर्स का क्या है कहना?
फिल्म के निर्माता और निर्देशक का कहना है कि उनकी मंशा किसी का अपमान करने की नहीं थी, बल्कि वे व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को एक व्यंग्य के रूप में दिखाना चाहते थे। हालांकि, जलोटा के सुझाव और बढ़ते दबाव के बाद अब मेकर्स शीर्षक बदलने पर विचार कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस छिड़ी है:
एक पक्ष का कहना है कि रचनात्मक स्वतंत्रता (Creative Freedom) के नाम पर धार्मिक या जातिगत पहचान का मजाक नहीं उड़ना चाहिए।
दूसरा पक्ष इसे केवल एक फिल्म के तौर पर देखने की वकालत कर रहा है।