थायराइड के मरीज हैं? सुबह की बेड टी या कॉफी पीने से पहले ये सच जरूर जान लें

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News India Live, Digital Desk : हम भारतीयों की सुबह बिना चाय या कॉफी की चुस्की के अधूरी है। आँख खुलते ही हाथ अपने आप कप की तरफ बढ़ जाता है। उस पर से अगर आप 'कॉफी लवर' हैं, तो फिर तो पूछना ही क्या! उस खुशबू से ही दिमाग की बत्ती जलती है।

लेकिन रुकिए... अगर आप थायराइड (Thyroid) के मरीज हैं और रोज सुबह खाली पेट थायराइड की गोली (Thyroxine) खाते हैं, तो आपकी यह प्यारी सी आदत आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है।

बहुत से लोग सालों से दवा खा रहे हैं लेकिन उनकी रिपोर्ट में थायराइड लेवल कंट्रोल में नहीं आता या वजन कम नहीं होता। इसकी एक बड़ी वजह आपकी 'मॉर्निंग कॉफी' की टाइमिंग हो सकती है।

आइए, बहुत आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर मामला क्या है और आपको क्या सावधानी बरतनी चाहिए।

क्या कॉफी, थायराइड की दवा की दुश्मन है?

दुश्मन तो नहीं, लेकिन 'रुकावट' जरूर है।
दरअसल, जब आप सुबह उठकर थायराइड की गोली खाते हैं, तो उस दवा को आपके शरीर में घुलने और काम करने के लिए कम से कम 30 से 45 मिनट का समय चाहिए होता है, वो भी एक ऐसे पेट में जो खाली हो।

कॉफी (और चाय भी) में कैफीन और कुछ ऐसे एसिड्स होते हैं जो पेट के अंदरूनी माहौल को बदल देते हैं। रिसर्च बताती है कि अगर आप दवा खाने के तुरंत बाद कॉफी पी लेते हैं, तो आपकी आंतें उस दवा को ठीक से सोख (Absorb) नहीं पातीं।

सीधा मतलब यह है कि आपने गोली तो खाई, लेकिन उसका पूरा असर आपके शरीर को मिला ही नहीं। इसे ऐसे समझिये कि आपने 100mg की दवा ली, लेकिन शरीर को सिर्फ 60mg ही मिली क्योंकि ऊपर से आपने कॉफी पी ली थी।

तो क्या थायराइड के मरीज कॉफी छोड़ दें?

बिलकुल नहीं! आपको अपनी पसंद छोड़ने की जरुरत नहीं है, बस थोड़ा 'स्मार्ट' बनने की जरूरत है। अगर आपको कॉफी पीनी है, तो इन 3 आसान नियमों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें:

1. "एक घंटे" का नियम (Golden Rule)
यह सबसे जरूरी है। जिस वक्त आप अपनी थायराइड की दवा खाते हैं, उसके और आपकी कॉफी के बीच कम से कम 60 मिनट (1 घंटा) का अंतर रखें। 30 मिनट भी ठीक है, लेकिन डॉक्टर 1 घंटा सबसे सुरक्षित मानते हैं। इससे दवा को अपना काम करने का पूरा वक्त मिल जाता है।

2. खाली पेट सिर्फ पानी, कॉफी नहीं
सुबह उठते ही सीधा कैफीन (कॉफी/चाय) न डालें। यह सिर्फ दवा के लिए ही नहीं, आपके हार्मोंस के लिए भी बुरा है। कॉफी शरीर में 'कोर्टिसोल' (स्ट्रेस हार्मोन) को बढ़ाती है। सुबह वैसे ही हमारा स्ट्रेस हार्मोन बढ़ा हुआ होता है। इसलिए, उठने के बाद पहले एक-दो गिलास सादा पानी पिएं, दवा लें, और फिर अपनी कॉफी के लिए इंतज़ार करें।

3. दूध वाली कॉफी या काली कॉफी?
अगर आप दवा के साथ या तुरंत बाद दूध वाली कॉफी या चाय पीते हैं, तो यह और भी ज्यादा नुकसानदायक है। दूध में मौजूद कैल्शियम दवा के अवशोषण (Absorption) को और कम कर देता है। इसलिए गैप रखना बहुत जरूरी है।

अगर आप जल्दबाजी में रहते हैं तो क्या करें?

कई लोग कहते हैं कि "हमारे पास सुबह इतना टाइम नहीं होता कि दवा खाकर एक घंटा इंतज़ार करें और फिर कॉफी पिएं।"

इसका भी एक हल है:
अगर आपकी दिनचर्या बहुत व्यस्त है, तो अपनी कॉफी ऑफिस या काम पर पहुंचने के बाद पिएं। घर से निकलते वक्त दवा खा लें, और रस्ते में या वहां पहुँचकर कॉफी का आनंद लें। तब तक जरूरी समय बीत चुका होगा।

छोटा सा बदलाव, बड़ा असर
सेहत कोई एक दिन का काम नहीं है। अगर आप नियमित रूप से दवा ले रहे हैं, तो उसका पूरा फायदा भी उठाएं। अपनी सुबह की टाइमिंग में यह छोटा सा बदलाव करके देखें, आपको अपनी एनर्जी और रिपोर्ट्स में फर्क जरूर महसूस होगा।

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