संगम जाने वाले सावधान माघ मेला क्षेत्र में आज से बंद हो रहे हैं गाड़ियों के रास्ते, पैदल ही जाना होगा घाट तक

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News India Live, Digital Desk : प्रयागराज में लगने वाले माघ मेले की रौनक अब अपने चरम पर पहुँच रही है। मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या के पवित्र स्नान पर्वों के दौरान संगम की धरती पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने वाली है। अगर आप भी इन स्नान पर्वों पर गंगा-यमुना की गोद में आस्था की डुबकी लगाने की योजना बना रहे हैं, तो जरा ठहरकर आज का ताज़ा ट्रैफिक अपडेट जान लीजिए।

भारी भीड़ और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने माघ मेला क्षेत्र को पूरी तरह से No-Vehicle Zone घोषित कर दिया है। 13 जनवरी (आज) की रात 8:00 बजे से लेकर 19 जनवरी की रात 12:00 बजे तक यह पाबंदी लागू रहेगी। यानी इन छह दिनों के दौरान मेला क्षेत्र के अंदर बाइक, कार या कोई भी प्राइवेट गाड़ी नहीं ले जा पाएंगे। केवल इमरजेंसी मेडिकल सर्विस और प्रशासनिक ड्यूटी पर तैनात गाड़ियों को ही एंट्री दी जाएगी। पुलिस का कहना है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि घाटों की तरफ पैदल जाने वाले लोगों को किसी भी परेशानी या हादसे का सामना न करना पड़े। तो भाई, इस बार अपने जूतों को थोड़ा पैदल चलने के लिए तैयार करके ही घर से निकलें!

बिजनौर में कोहरे का सितम: पलटी बारातियों की बस

एक तरफ जहाँ श्रद्धालु संगम की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं यूपी के बिजनौर में कोहरे की चादर ने एक शादी की खुशियों को डर में बदल दिया। घटना सोमवार देर रात की है, जहाँ किरतपुर-मंडावर रोड पर मालन नदी के पास बारातियों से भरी एक निजी बस बेकाबू होकर पलट गई। इस हादसे का सबसे बड़ा कारण 'घना कोहरा' (Dense Fog) बताया जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार, बस में सवार सभी लोग हरिद्वार से बिजनौर वापस लौट रहे थे। दरअसल, बिजनौर की रहने वाली नगमा का निकाह 10 जनवरी को हरिद्वार के वसीम से हुआ था। सोमवार को घरवाले अपनी बेटी के ससुराल 'चौथी' की रस्म निभाने गए थे। वहां से हंसी-खुशी लौटते समय मालन नदी के पास दृश्यता (Visibility) इतनी कम थी कि चालक को सड़क का अंदाजा नहीं मिला और बस अचानक सड़क किनारे गड्ढे में जाकर पलट गई।

बस में कुल 38 लोग सवार थे, जिन्हें चोटें आई हैं। राहत की बात यह रही कि किसी की जान नहीं गई, लेकिन सात घायलों की हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है। यह हादसा याद दिलाता है कि सर्दियों के इस कोहरे में गाड़ी की रफ़्तार से ज्यादा ज़िंदगी की कीमत है। अगर आप भी रात या सुबह के वक्त सफर कर रहे हैं, तो विशेष सावधानी बरतें।