दिमाग शांत और याददाश्त तेज आयुर्वेद की ये 'सुपरफूड्स' बदल देंगे सोचने का तरीका

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News India Live, Digital Desk : हम अपनी बॉडी बनाने के लिए जिम जाते हैं, प्रोटीन खाते हैं, लेकिन उस बेचारे 'दिमाग' का क्या जो 24 घंटे बिना रुके चलता रहता है? आजकल हम सब स्ट्रेस, एंजायटी (बेचैनी) और "ब्रेन फॉग" (धुंधलापन) से जूझ रहे हैं। कभी सोचा है कि इसका कनेक्शन हमारे खाने से हो सकता है?

आयुर्वेद हजारों सालों से कहता आ रहा है कि पेट और दिमाग का गहरा रिश्ता है। अगर आप 'सात्विक' और सही खाना खाएंगे, तो मन अपने आप खुश रहेगा। चलिए, आज जानते हैं उन साधारण चीजों के बारे में जो मानसिक सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं।

1. देसी घी: दिमाग का सबसे अच्छा दोस्त
आजकल लोग फैट के डर से घी खाना छोड़ देते हैं, लेकिन आयुर्वेद में गाय के देसी घी को 'मेध्य' (बुद्धि बढ़ाने वाला) माना गया है। यह दिमाग की नसों को चिकनाहट (Lubrication) देता है, जिससे याददाश्त तेज होती है।

  • कैसे खाएं: रोज सुबह या तो दाल में एक चम्मच घी डालें या रात को सोने से पहले दूध में मिलाकर पिएं।

2. भीगे हुए बादाम और अखरोट
यह तो हमें बचपन में मां ने खूब खिलाए हैं, और वो गलत नहीं थीं। बादाम और अखरोट में हेल्दी फैट्स होते हैं जो ब्रेन सेल्स को रिपेयर करते हैं। आयुर्वेद कहता है कि इन्हें भिगोकर खाने से इनका असर दोगुना हो जाता है और ये पचने में आसान हो जाते हैं। यह आपकी एकाग्रता (Focus) बढ़ाने में जादू की तरह काम करता है।

3. आंवला: सिर्फ बालों के लिए नहीं
आंवला एक चमत्कारी फल है। इसमें भरपूर एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं जो दिमाग को 'फ्री रेडिकल्स' से बचाते हैं। आसान भाषा में कहें तो यह दिमाग को बूढ़ा होने से रोकता है और नसों को मजबूती देता है। चाहे मुरब्बा खाएं या कच्चा, आंवला दिमाग को ठंडक पहुंचाता है, जिससे गुस्सा कम आता है।

4. रात को 'गोल्डन मिल्क' (हल्दी वाला दूध)
अगर आपको रात भर करवटें बदलने की आदत है और दिमाग शांत नहीं होता, तो हल्दी वाला गर्म दूध आपके लिए ही है। यह न सिर्फ शरीर की थकान मिटाता है, बल्कि इसमें मौजूद ट्रिप्टोफैन (Tryptophan) अच्छी नींद लाने में मदद करता है। और हम सब जानते हैं, अच्छी नींद मतलब अच्छा मेंटल हेल्थ।

5. सात्विक भोजन: बासी खाने से बचें
आयुर्वेद में सबसे बड़ी सलाह यही है कि ताजा और गर्म खाना खाएं। पैकेटबंद, बासी या बहुत ज्यादा मसालेदार खाना हमारे अंदर 'तमस' (आलस और अंधकार) बढ़ाता है, जिससे डिप्रेशन और भारीपन महसूस होता है। जब आप ताजा फल, सब्जियां और दाल-चावल खाते हैं, तो मन अपने आप हल्का महसूस करता है।

छोटी शुरुआत करें
इन सब चीजों को एक साथ शुरू करने की जरूरत नहीं है। बस अपनी चाय की जगह कभी-कभी हर्बल टी (तुलसी या ब्राह्मी) लें या नाश्ते में ड्राई फ्रूट्स शामिल करें। यकीन मानिए, जब पेट सही रहेगा, तो दिमाग की उलझने अपने आप सुलझने लगेंगी।