LPG और पेट्रोल के दाम में आएगा भारी उछाल? ईरान ने कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट को किया धुआं-धुआं, भारत में गहराया संकट
News India Live, Digital Desk: मिडिल ईस्ट (Middle East) में छिड़ी जंग अब दुनिया की रसोई तक पहुँचने वाली है। ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव ने उस वक्त खतरनाक मोड़ ले लिया जब ईरान ने कतर के रास लफान (Ras Laffan) इंडस्ट्रियल सिटी पर भीषण मिसाइल हमला कर दिया। यह हमला कोई मामूली सैन्य स्ट्राइक नहीं है, बल्कि दुनिया की 'एनर्जी लाइफलाइन' पर सीधा प्रहार है।
दुनिया का सबसे बड़ा LNG हब निशाने पर
कतर का रास लफान दुनिया का सबसे बड़ा लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) एक्सपोर्ट हब है। कतर एनर्जी (QatarEnergy) ने पुष्टि की है कि मिसाइल हमले के कारण प्लांट के बड़े हिस्से में भीषण आग लग गई और भारी ढांचागत नुकसान हुआ है। राहत की बात यह रही कि किसी की जान नहीं गई, लेकिन इस हमले ने ग्लोबल मार्केट में गैस की कीमतों में आग लगा दी है।
भारत के लिए क्यों बजी खतरे की घंटी?
भारत अपनी जरूरत की कुल LNG का लगभग 47% हिस्सा अकेले कतर से आयात करता है।
LPG की कमी: अगर रास लफान से सप्लाई लंबे समय तक बाधित रहती है, तो भारत में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की किल्लत हो सकती है।
महंगाई का झटका: कच्चा तेल (Brent Crude) पहले ही $110 के पार निकल चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल में हर $1 की बढ़ोतरी भारत के आयात बिल को ₹16,000 करोड़ तक बढ़ा देती है।
शिपिंग रूट ब्लॉक: ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को असुरक्षित कर दिया है। भारत के 22 से ज्यादा जहाज इस वक्त खाड़ी में फंसे हुए हैं, जिनमें लाखों टन कच्चा तेल और गैस लदी है।
आर्थिक युद्ध की शुरुआत
अब तक यह लड़ाई केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित थी, लेकिन अब यह 'इकोनॉमिक वॉर' में बदल चुकी है। ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि अगर उसके 'साउथ पार्स' गैस फील्ड पर हमला हुआ, तो वह सऊदी अरब और यूएई के तेल कुओं को भी निशाना बनाएगा।
जवाब में कतर ने कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी दूतावास के अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश (Persona Non Grata) दे दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी चेतावनी दी है कि अगर कतर के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले नहीं रुके, तो अंजाम बहुत बुरा होगा।