ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच रूस का बड़ा बयान,भारत जैसा शक्तिशाली देश ही रुकवा सकता है महाविनाश
News India Live, Digital Desk : मिडिल ईस्ट (Middle East) में ईरान और इजरायल के बीच छिड़ा संघर्ष अब अमेरिका बनाम ईरान के खतरनाक मोड़ पर आ गया है। दुनिया एक और बड़े युद्ध की आशंका से कांप रही है, ऐसे में रूस (Russia) ने भारत को लेकर एक ऐसी बात कही है जिसने वैश्विक कूटनीति में हलचल मचा दी है। रूस ने साफ शब्दों में कहा है कि भारत आज एक ऐसी "महाशक्ति" है जिसके पास इस युद्ध को रोकने का माद्दा है।
रूस ने क्यों कहा- 'भारत है ग्लोबल लीडर'?
रूस के वरिष्ठ राजनयिक और राष्ट्रपति पुतिन के करीबी माने जाने वाले अधिकारियों ने कहा कि भारत केवल एक दक्षिण एशियाई शक्ति नहीं, बल्कि एक "पॉवरफुल नेशन" है। रूस का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के संबंध ईरान, इजरायल, अमेरिका और अरब देशों, सभी के साथ संतुलित और मजबूत हैं।
रूस के बयान के 3 मुख्य बिंदु:
शांति दूत की भूमिका: रूस ने संकेत दिया है कि जिस तरह भारत ने यूक्रेन युद्ध में 'बातचीत और कूटनीति' (Not an era of war) का रास्ता दिखाया, वैसा ही हस्तक्षेप मिडिल ईस्ट में जरूरी है।
विश्वसनीयता: पश्चिमी देश और खाड़ी देश दोनों ही भारत की बात को गंभीरता से सुनते हैं। रूस का मानना है कि भारत की मध्यस्थता ही ईरान और अमेरिका को सीधे टकराव से बचा सकती है।
ग्लोबल साउथ की आवाज: भारत 'ग्लोबल साउथ' का नेतृत्व कर रहा है, और ऊर्जा संकट (Oil & Gas Crisis) से बचने के लिए भारत का सक्रिय होना दुनिया के हित में है।
ईरान-अमेरिका तनाव और भारत का रुख
ईरान द्वारा कतर के गैस प्लांट पर हमले और अमेरिका की जवाबी कार्रवाई की धमकियों के बीच भारत ने संयम बरतने की अपील की है। भारत के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण है क्योंकि खाड़ी देशों में लाखों भारतीय काम करते हैं और भारत की ऊर्जा सुरक्षा काफी हद तक इसी क्षेत्र पर टिकी है।