सचिवालय में फिर मची खलबली सुबह-सुबह धमक पड़े सीएम नीतीश, अफसरों की घड़ी का समय सुधार दिया
News India Live, Digital Desk : बिहार के 'सुशासन बाबू' यानी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) इन दिनों फुल एक्शन मोड में हैं। अगर आप बिहार सरकार के कर्मचारी या अधिकारी हैं और सोचते हैं कि "अरे, 10-11 बजे तक ऑफिस पहुंच जाएंगे, कौन देख रहा है?", तो संभल जाइए! सीएम साहब अब खुद अटेंडेंस रजिस्टर चेक करने आ रहे हैं।
आज सुबह पटना के सचिवालय (Secretariat) इलाके में एक बार फिर वही नजारा देखने को मिला, जिससे कामचोर अधिकारियों के पसीने छूट जाते हैं।
सुबह 9:30 बजे का 'सरप्राइज'
घड़ी में ठीक सुबह के 9:30 बजे थे। अभी कई बाबू लोग रास्ते में ही होंगे या घर पर चाय की चुस्कियां ले रहे होंगे, तभी अचानक सीएम के काफिले का सायरन गूंज उठा। मुख्यमंत्री सीधे विकास भवन (सचिवालय) जा पहुंचे।
वहां पहुंचते ही अफरा-तफरी का माहौल हो गया। सीएम नीतीश ने न तो कोई मीटिंग बुलाई थी, न ही कोई पूर्व सूचना दी थी। यह सीधा 'औचक निरीक्षण' (Surprise Inspection) था।
खाली कुर्सियां देख तमतमाए सीएम
नीतीश कुमार ने कई विभागों का दौरा किया। खबर है कि कई बड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की कुर्सियां उस वक्त खाली थीं। यह देखकर सीएम का पारा चढ़ना लाजिमी था। उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों को साफ और कड़े शब्दों में चेतावनी दी।
सीएम का संदेश एकदम साफ था "सरकारी कामकाज में लेटलतीफी अब बर्दाश्त नहीं होगी। अगर ऑफिस का टाइम 9:30 है, तो मतलब 9:30 ही है।"
भागते-दौड़ते पहुंचे अफसर
जैसे ही यह खबर फैली कि "साहब आ गए हैं", तो जो अधिकारी रास्ते में थे, उनकी गाड़ियाँ हवा से बातें करने लगीं। जो लेट पहुंचे, उन्हें सीएम की नाराजगी झेलनी पड़ी।
अब आदत बदलनी ही पड़ेगी
आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है। पिछले कुछ महीनों में नीतीश कुमार लगातार ऐसे सरप्राइज विजिट कर रहे हैं। कभी मुख्य सचिवालय, कभी विश्वेश्वरैया भवन तो कभी विकास भवन। ऐसा लग रहा है कि सीएम ने ठान लिया है कि प्रशासन की सुस्ती को खत्म करके ही दम लेंगे।
अब देखना यह है कि सीएम की इस डांट का असर कितने दिन रहता है, लेकिन फिलहाल तो सचिवालय में समय पर आने की होड़ लगी हुई है।