स्कूल में लगता था डर, आज गूगल ने दिया सम्मान! डूडल बनाकर समझाया मैथ्स का सबसे 'खौफनाक' फॉर्मूला
अगर आप भी उन लोगों में से हैं, जिनके लिए स्कूल में मैथ्स का मतलब सिरदर्द और बोरियत हुआ करता था, तो आज गूगल ने आपके लिए एक खास सरप्राइज तैयार किया है। सर्च इंजन गूगल ने बुधवार को अपने होमपेज पर एक बेहद अनोखा और क्रिएटिव डूडल जारी किया, जो गणित के उस 'खौफनाक' चैप्टर को समर्पित है, जिसे हम सब क्वाड्रेटिक इक्वेशन (द्विघात समीकरण) के नाम से जानते हैं।
गूगल का यह खास डूडल सिर्फ गणित के एक फॉर्मूले को सम्मान नहीं दे रहा, बल्कि यह संदेश भी दे रहा है कि जिसे हम बोरिंग समझते हैं, वह कितना मजेदार और हमारी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा हुआ हो सकता है।
आखिर गणित के इस फॉर्मूले को ही क्यों मिला यह सम्मान?
आप सोच रहे होंगे कि गणित के इतने सारे टॉपिक्स में से गूगल ने क्वाड्रेटिक इक्वेशन को ही क्यों चुना? गूगल के मुताबिक, यह उन गणितीय विषयों में से एक है जिसे लोग उसके सर्च इंजन पर सबसे ज्यादा खोजते हैं। यह वही जादुई फॉर्मूला (ax² + bx + c = 0) है, जो दशकों से इंजीनियरिंग की बड़ी-बड़ी इमारतों से लेकर, रॉकेट साइंस और यहां तक कि अर्थशास्त्र की नींव को भी मजबूत करता आया है।
क्या खास है इस डूडल में?
भारत में यह डूडल 12 नवंबर को लाइव हुआ। इसमें 'Google' शब्द को बहुत ही मजेदार अंदाज में डिजाइन किया गया है।
- डूडल में Google का दूसरा 'g' और 'e', बीच वाले 'o' को ऐसे किक मारते दिखते हैं, जैसे कोई बास्केटबॉल खेल रहा हो।
- यह पूरी एक्टिविटी 'l' के ऊपर हो रही है, जो एक बास्केटबॉल पोल जैसा दिखता है।
- इसके जरिए गूगल ने यह संदेश दिया है कि यह फॉर्मूला सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि खेलों में गेंद की उछाल और चीजों की मूवमेंट को समझने में भी यही काम आता है।
- डूडल के चारों तरफ हाथ से लिखे हुए गणित के फॉर्मूले भी दिखते हैं, जो इसे और भी दिलचस्प बनाते हैं।
क्यों इसी समय लॉन्च किया गया डूडल?
गूगल ने यह डूडल अकादमिक कैलेंडर को ध्यान में रखकर तैयार किया है। दुनिया भर के कई स्कूलों में अक्टूबर-नवंबर के महीने में ही क्वाड्रेटिक इक्वेशन पढ़ाया जाता है। यही वजह है कि इस समय गूगल पर इसकी सर्च भी अचानक बढ़ जाती है। गूगल चाहता है कि छात्र इसे सिर्फ एक कठिन विषय के तौर पर न देखें, बल्कि इसके मजेदार पहलुओं को भी समझें।
कैसे शुरू हुई थी डूडल की कहानी?
गूगल डूडल की शुरुआत 1998 में एक मजाक के तौर पर हुई थी। कंपनी के संस्थापक लैरी पेज और सेर्गेई ब्रिन जब छुट्टी पर जा रहे थे, तो उन्होंने गूगल के लोगो के पीछे एक जलते हुए आदमी का निशान बना दिया। यह एक तरह का "Out of Office" मैसेज था। लोगों को यह इतना पसंद आया कि इसके बाद खास दिनों और ऐतिहासिक घटनाओं को मनाने की यह परंपरा ही बन गई।
यह डूडल एक बार फिर साबित करता है कि ज्ञान को अगर कला और रचनात्मकता के साथ पेश किया जाए, तो सबसे मुश्किल विषय भी दिलचस्प बन सकता है।