रोटी छोड़ने की ज़रूरत नहीं, बस आटा बदलिए, फिर देखिए कैसे पिघलती है पेट की चर्बी
News India Live, Digital Desk : हम भारतीयों की खाने की थाली तब तक पूरी नहीं मानी जाती जब तक उसमें गरमा-गरम फूली हुई रोटियां न हों। लेकिन जैसे ही कोई इंसान "वजन घटाने" (Weight Loss) की यात्रा शुरू करता है, सबसे पहली सलाह उसे यही मिलती है "भाई, रोटी-चावल छोड़ दे, सब ठीक हो जाएगा।"
यह बात दिल पर लगती है न? क्या सच में हमें अपनी प्यारी रोटी छोड़नी होगी? नहीं! असल में समस्या 'रोटी' नहीं, बल्कि 'अनाज' है। हम बरसों से सिर्फ गेहूं की रोटी खा रहे हैं, जबकि हमारी रसोई में ऐसे सुपरफूड्स मौजूद हैं जो गेहूं से कहीं ज्यादा तेजी से चर्बी काटते हैं।
आज हम उसी पुरानी बहस को खत्म करेंगे गेहूं, बेसन या रागी? आखिर कौन है वजन घटाने का असली चैंपियन? चलिए आसान भाषा में समझते हैं।
1. गेहूं (Wheat): हमारा पुराना साथी, पर...
हम सब बचपन से गेहूं की रोटी खाते आए हैं। इसमें कोई शक नहीं कि यह ऊर्जा देता है, लेकिन इसमें 'ग्लूटेन' (Gluten) और 'कार्बोहाइड्रेट' बहुत ज्यादा होता है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) भी ज्यादा है।
आसान शब्दों में कहें तो, गेहूं की रोटी खाने के बाद शरीर में शुगर का लेवल तेजी से बढ़ता है और उतनी ही जल्दी भूख दोबारा लग जाती है। अगर आपकी लाइफस्टाइल ऐसी है जहाँ आप दिन भर कुर्सी पर बैठे रहते हैं, तो गेहूं की रोटी आपका वजन कम करने के बजाय बढ़ा सकती है।
2. बेसन (Besan/Gram Flour): प्रोटीन का पावरहाउस
अब बात करते हैं बेसन की। यह चने की दाल से बनता है और हम भारतीयों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। बेसन में गेहूं के मुकाबले कार्ब्स कम होते हैं, लेकिन प्रोटीन और फाइबर कूट-कूट कर भरा होता है।
इसका फायदा क्या है? बेसन की रोटी खाने के बाद आपको लंबे समय तक भूख नहीं लगती। यह आपके मेटाबॉलिज्म (पाचन तंत्र) को तेज करता है और पेट की चर्बी (Belly Fat) को गलाने में बहुत मदद करता है। जो लोग ग्लूटेन नहीं पचा पाते, उनके लिए बेसन बेस्ट है।
3. रागी (Ragi/Millet): फाइबर का खजाना
रागी को आज की दुनिया 'सुपरफूड' कहती है। अगर आप जिद्दी मोटापे से परेशान हैं, तो रागी आपका सबसे अच्छा दोस्त बन सकता है। इसमें एक खास तरह का अमीनो एसिड होता है जो एक्स्ट्रा फैट को जमने ही नहीं देता।
रागी फाइबर से भरपूर होती है, जिससे पेट साफ़ रहता है और ओवरईटिंग (ज्यादा खाने) से बचाव होता है। लेकिन हाँ, एक बात ध्यान रखें—रागी की तासीर गर्म होती है। तो अगर गर्मी का मौसम है, तो इसे संभाल कर खाएं, लेकिन सर्दियों में तो यह शरीर के लिए अमृत है।
तो निष्कर्ष (Conclusion) क्या है?
अगर तीनों की रेस कराई जाए, तो वजन घटाने के मामले में रागी और बेसन, गेहूं को मीलों पीछे छोड़ देते हैं।
- मेरी सलाह: एकदम से खाना बदलना मुश्किल होता है। आप शुरुआत 'मिक्स आटे' से करें। 70% बेसन या रागी और 30% गेहूं मिलाकर रोटी बनाएं। इसे 'मिस्सी रोटी' भी कहते हैं।
- यह न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट लगेगी, बल्कि आपका वजन भी घटाएगी और कमजोरी भी महसूस नहीं होने देगी।
तो दोस्तों, भूखे मत रहिये। सही आटा चुनिये और भरपेट खाकर वजन घटाएं!