दुनिया में तेल का हाहाकार? ईरान अब बाब-अल-मंदेब' को करने जा रहा बंद, भारत समेत पूरी दुनिया में बढ़ेंगी कीमतें
News India Live, Digital Desk: मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-अमेरिका युद्ध ने अब एक ऐसा मोड़ ले लिया है जो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला सकता है। होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बाद अब ईरान ने दुनिया के दूसरे सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते, बाब-अल-मंदेब (Bab-el-Mandeb Strait) को भी बंद करने के संकेत दिए हैं। अगर ऐसा होता है, तो दुनिया भर में कच्चे तेल (Crude Oil) की सप्लाई पूरी तरह ठप हो सकती है, जिससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग लग जाएगी।
क्या है ईरान की नई 'ब्लॉकचेन' रणनीति?
ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका और इजरायल ने उसके खिलाफ हमले नहीं रोके, तो वह लाल सागर (Red Sea) के प्रवेश द्वार 'बाब-अल-मंदेब' से जहाजों की आवाजाही पूरी तरह रोक देगा।
दोतरफा वार: होरमुज और बाब-अल-मंदेब के बंद होने का मतलब है कि दुनिया का 30% से अधिक समुद्री तेल व्यापार ठप हो जाएगा।
सप्लाई चेन का टूटना: एशिया से यूरोप जाने वाले मालवाहक जहाजों के लिए अब कोई सुरक्षित रास्ता नहीं बचेगा।
कीमतों में उछाल: विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम के बाद ब्रेंट क्रूड $150 से $200 प्रति बैरल तक पहुँच सकता है।
भारत के लिए क्यों है यह खतरे की घंटी?
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट से आयात करता है। बाब-अल-मंदेब का बंद होना भारत के लिए दोहरी मार साबित होगा:
महंगाई का झटका: कच्चा तेल महंगा होने से भारत में परिवहन और रसद (Logistics) की लागत बढ़ जाएगी।
निर्यात में देरी: भारत से यूरोप और अमेरिका जाने वाले सामान को अब 'केप ऑफ गुड होप' (अफ्रीका के नीचे से) होकर जाना होगा, जिससे समय और पैसा दोनों दोगुना हो जाएंगे।
वैश्विक प्रतिक्रिया
व्हाइट हाउस ने ईरान के इस बयान को 'आतंकवाद' करार दिया है, वहीं चीन और रूस ने तनाव कम करने की अपील की है। फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में अस्थिरता का दौर शुरू हो गया है।