कंगाल पाकिस्तान में ब्लैकआउट की तैयारी ईरान-अमेरिका युद्ध ने रोकी तेल की सप्लाई, क्या पहिये थमने वाले हैं
News India Live, Digital Desk: पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) इस वक्त अपने इतिहास के सबसे भीषण ऊर्जा संकट से गुजर रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालातों ने पाकिस्तान की कमर तोड़ दी है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, देश में कच्चे तेल (Crude Oil) का स्टॉक लगभग खत्म होने की कगार पर है, जिससे पूरे पाकिस्तान में 'शटडाउन' (Shutdown) जैसी स्थिति पैदा हो गई है। अगर जल्द ही तेल का इंतजाम नहीं हुआ, तो वहां की बिजली, परिवहन और उद्योग पूरी तरह ठप हो सकते हैं।
ईरान-अमेरिका युद्ध का पाकिस्तान पर 'साइड इफेक्ट'
पाकिस्तान अपनी तेल जरूरतों के लिए काफी हद तक मिडिल ईस्ट के देशों और ईरान की सीमा से होने वाली तस्करी या व्यापार पर निर्भर है। लेकिन युद्ध के कारण सप्लाई चेन पूरी तरह ध्वस्त हो गई है:
सूख रहे हैं पेट्रोल पंप: इस्लामाबाद, लाहौर और कराची जैसे बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल के लिए लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कई पंपों पर 'नो स्टॉक' के बोर्ड लटक गए हैं।
विदेशी मुद्रा का संकट: पहले से ही आर्थिक बदहाली झेल रहे पाकिस्तान के पास इतना पैसा नहीं है कि वह ऊंचे दामों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार से तेल खरीद सके।
बिजली संकट: तेल की कमी के कारण थर्मल पावर प्लांट बंद हो रहे हैं, जिससे देश के कई हिस्सों में 14 से 16 घंटे की लोड शेडिंग (बिजली कटौती) हो रही है।
क्या पाकिस्तान पूरी तरह बंद हो जाएगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले 72 घंटों में कोई बड़ा फैसला नहीं लिया गया, तो पाकिस्तान में इमरजेंसी जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। सरकार ने पहले ही कमर्शियल मार्केट को जल्दी बंद करने और सरकारी दफ्तरों में वर्क-फ्रॉम-होम लागू करने पर विचार शुरू कर दिया है। आम जनता के बीच हाहाकार मचा हुआ है क्योंकि खाने-पीने की चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं।
चीन और सऊदी अरब से उम्मीद?
हमेशा की तरह पाकिस्तान अब अपने 'सदाबहार दोस्त' चीन और सऊदी अरब की तरफ उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है। लेकिन वैश्विक संकट को देखते हुए इस बार मदद मिलने में देरी हो सकती है, जो पाकिस्तान को पूरी तरह अंधेरे में धकेल सकती है।