कोर्टरूम में हुए उस जूता कांड का सच, जो आज CJI की माँ की ज़ुबानी दुनिया ने सुना
News India Live, Digital Desk: अक्सर हम बड़ी-बड़ी कुर्सियों पर बैठे लोगों को सिर्फ उनके पद से जानते हैं, लेकिन उनके पीछे की इंसानी कहानी और उनके परिवार के संघर्ष से अनजान रहते हैं। ऐसी ही एक कहानी है भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस बी.आर. गवई और उनकी माँ कमलाताई गवई की, जिसका एक भावुक पहलू आज सबके सामने आया है।
एक सार्वजनिक कार्यक्रम में पहली बार, जस्टिस गवई की माँ ने उस दर्द को बयां किया, जिसे उन्होंने सालों तक अपने दिल में दबाए रखा था। यह उस दिन की बात है जब सुप्रीम कोर्ट के भरे कोर्टरूम में उनके बेटे, जस्टिस गवई पर, एक वकील ने जूता फेंक दिया था।
एक माँ की आँखों से वो दिन
अपनी आँखों में आँसू लिए, कमलाताई ने कहा, "मेरा बेटा जज है... और जिस वकील ने उस पर जूता फेंका था, उसके पिता भी एक जज ही थे। जब मैंने यह सुना तो मैं टूट गई थी। मैंने सोचा भी नहीं था कि कोई ऐसा भी कर सकता है।"
यह घटना कुछ साल पहले की है, जब वकील राकेश किशोर प्रसाद ने कोर्ट की सुनवाई के दौरान जस्टिस गवई पर जूता फेंका था। उस वक्त यह खबर तो बनी, लेकिन एक माँ के दिल पर क्या बीती, यह आज दुनिया ने जाना।
लेकिन असली कहानी तो इसके बाद शुरू होती है...
यह किस्सा सिर्फ हमले का नहीं, बल्कि जस्टिस गवई के महान चरित्र का भी है। उनकी माँ ने बताया कि इस घटना के बाद जस्टिस गवई ने न तो गुस्सा दिखाया और न ही कोई प्रतिक्रिया दी। वे शांत बने रहे।
लेकिन उन्होंने जो इसके बाद किया, वह किसी को भी हैरान कर देगा।
- जब उस वकील को सज़ा सुनाई जा रही थी, तो जस्टिस गवई ने कोर्ट से अपील की कि उसे कम से कम सज़ा दी जाए।
- यही नहीं, उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि उस वकील को अपना पक्ष रखने के लिए एक अच्छा वकील मिले, और खुद उसकी पैरवी के लिए एक वरिष्ठ वकील की व्यवस्था की।
यह घटना दिखाती है कि जस्टिस गव-ई सिर्फ कानून के ही नहीं, बल्कि इंसानियत के भी कितने बड़े ज्ञाता हैं। उन्होंने बदले की भावना को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और उस व्यक्ति के प्रति भी दया दिखाई जिसने सार्वजनिक रूप से उनका अपमान किया था।
आज जब उनकी माँ ने यह किस्सा सुनाया, तो यह सिर्फ एक माँ का दर्द नहीं था, बल्कि अपने बेटे के ऊँचे सिद्धांतों पर गर्व का एक क्षण भी था। यह कहानी हमें बताती है कि भारत के मुख्य न्यायाधीश की कुर्सी पर बैठा व्यक्ति सिर्फ एक काबिल जज ही नहीं, बल्कि एक बड़ा दिल रखने वाला इंसान भी है।