यौन शिकारी के दाग ने डुबोया करियर? तीसरी बार रेप के आरोप में कांग्रेस MLA गिरफ्तार, केरल में सियासी भूचाल
News India Live, Digital Desk : केरल की राजनीति में शनिवार की रात एक ऐसी खबर लेकर आई, जिसने सबको सन्न कर दिया है। जो नाम कल तक यूथ कांग्रेस की रैलियों में गूंजता था, जो युवा नेता पलक्कड़ की जनता का प्रतिनिधित्व कर रहा था, आज उस पर बेहद गंभीर और शर्मनाक दाग लगे हैं। हम बात कर रहे हैं कांग्रेस विधायक राहुल ममकूटथिल (Rahul Mamkootathil) की, जिन्हें पुलिस ने 'सीरियल ऑफेंडर' यानी आदतन अपराधी मानते हुए गिरफ्तार कर लिया है।
वो आधी रात का ड्रामा
सोचिए कैसा मंजर रहा होगा शनिवार की रात, पलक्कड़ का एक बड़ा होटल, सब कुछ शांत। अचानक पुलिस की स्पेशल टीम (SIT) वहां धमकती है। किसी को भनक तक नहीं थी कि जिस कमरे में राहुल रुके हुए हैं, वहां कुछ ही देर में कानून का हथौड़ा चलने वाला है। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने उन्हें मौका भी नहीं दिया और हिरासत में ले लिया। यह गिरफ्तारी कोई साधारण घटना नहीं है; यह लगातार तीसरा रेप केस है जिसने इस तेज-तर्रार नेता के करियर पर बहुत बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
कनाडा से आई शिकायत और 'यौन शिकारी' का टैग
आप सोच रहे होंगे कि आखिर इस बार ऐसा क्या हुआ? दरअसल, मामले के तार विदेश से जुड़े हैं। पुलिस के पास एक एनआरआई (NRI) महिला की शिकायत पहुंची है। महिला का आरोप है कि राहुल ने उसे शादी का झांसा दिया, उसका शारीरिक शोषण किया और फिर उसे बीच रास्ते में छोड़ दिया। यह कहानी वहीं नहीं रुकती—आरोप है कि गर्भवती होने पर उन पर गर्भपात (abortion) का दबाव बनाया गया।
जब एक ही व्यक्ति पर एक के बाद एक तीन महिलाएं एक जैसे गंभीर आरोप लगा दें, तो प्रशासन के लिए नजरअंदाज करना नामुमकिन हो जाता है। यही वजह है कि जांच एजेंसी ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें एक 'यौन शिकारी' (Sexual Predator) के तौर पर देखा है और तुरंत एक्शन लिया।
विश्वास का सौदा?
सबसे ज्यादा दुखद पहलू यह है कि जनता जिन्हें अपना हीरो मानती है, उन पर ऐसे आरोप लग रहे हैं। राहुल ममकूटथिल का राजनीतिक ग्राफ जितनी तेजी से ऊपर गया था, उतनी ही तेजी से नीचे गिरता दिख रहा है। पार्टी ने भी इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़े कदम उठाए हैं। खबर है कि उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है, क्योंकि कोई भी दल 'अनैतिक गतिविधियों' के ऐसे बोझ को ढोना नहीं चाहेगा।
आगे क्या होगा?
फिलहाल राहुल पुलिस की गिरफ्त में हैं और उनसे पथानामथिट्टा के पुलिस कैंप में कड़ी पूछताछ की जा रही है। डीएनए टेस्ट से लेकर पुराने मामलों की फाइले दोबारा खुलना मुश्किलें चारों तरफ से उन्हें घेर चुकी हैं। उधर, विपक्षी पार्टियों ने इसे नैतिकता की जीत बताया है।
अब यह मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी का नहीं रह गया है, बल्कि यह सबक है कि चाहे कोई कितना भी रसूखदार क्यों न हो, कानून और 'कर्म' से भागना नामुमकिन है। सोशल मीडिया पर लोग इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। किसी का कहना है कि यह "पॉलिटिकल वेंडेटा" है, तो ज्यादातर लोग मान रहे हैं कि "बिना आग के धुआं नहीं उठता।"
खैर, आने वाले कुछ दिन केरल की राजनीति और राहुल ममकूटथिल के भविष्य के लिए बेहद अहम होने वाले हैं। हम पल-पल की अपडेट आप तक पहुंचाते रहेंगे।