पीएम बाद में पहले अपनी पार्टी अध्यक्ष तो बनाइए, हिजाब वाले बयान पर ओवैसी को बीजेपी ने दिखाया आईना

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News India Live, Digital Desk : भारतीय राजनीति में जुबानी जंग कोई नई बात नहीं है, लेकिन कभी-कभी कुछ सवाल ऐसे पूछ लिए जाते हैं जो सीधा निशाना साधते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ है AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) के साथ। ओवैसी साहब का एक पुराना सपना है वे अक्सर मंच से कहते हैं, "इंशाअल्लाह, एक दिन एक हिजाब पहनने वाली बच्ची भारत की प्रधानमंत्री बनेगी।" उनका यह जज्बा सुनने में तो अच्छा लगता है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अब इस पर एक तगड़ा सवाल दाग दिया है।

बीजेपी का सीधा चैलेंज: 'पीएम छोड़ो, अध्यक्ष बनाओ'

जैसे ही ओवैसी ने अपना यह बयान फिर से दोहराया, बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला (Shehzad Poonawalla) ने मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने ओवैसी को एक ऐसा 'चैलेंज' दे दिया है, जिस पर बहस छिड़ गई है। बीजेपी का कहना बहुत साफ़ है "ओवैसी जी, आप देश के सर्वोच्च पद (पीएम) पर तो एक मुस्लिम महिला को देखना चाहते हैं, जो अच्छी बात है। लेकिन जरा यह बताइए, क्या आप अपनी ही पार्टी का अध्यक्ष पद किसी ‘हिजाब वाली महिला’ को देने के लिए तैयार हैं?"

यह सवाल इसलिए भी चुभने वाला है क्योंकि दशकों से एआईएमआईएम (AIMIM) की कमान ओवैसी परिवार के पुरुषों के हाथ में ही रही है। बीजेपी ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या चैरिटी यानी अच्छे काम की शुरुआत घर से नहीं होनी चाहिए?

'संसद में विरोध, बाहर समर्थन?'

बीजेपी यहीं नहीं रुकी। शहजाद पूनावाला ने ओवैसी को उनका पुराना 'रिकॉर्ड' भी याद दिला दिया। आपको याद होगा जब संसद में महिलाओं को 33% आरक्षण देने वाला ऐतिहासिक ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ लाया गया था। उस वक्त पूरा देश जश्न मना रहा था, लेकिन संसद में सिर्फ दो सांसदों ने इसका विरोध किया था। वे दोनों सांसद एआईएमआईएम के ही थे।

बीजेपी का तर्क है कि जब हकीकत में महिलाओं को सत्ता में भागीदारी देने (रिजर्वेशन) का मौका आया, तब तो ओवैसी साहब ने उसका विरोध किया। और अब भाषणों में उन्हें 'हिजाब वाली पीएम' चाहिए। लोग इसे महज एक चुनावी शगूफा और दोहरे मापदंड के तौर पर देख रहे हैं।

ओवैसी की चुप्पी और सोशल मीडिया पर शोर

फिलहाल इस तीखे हमले पर ओवैसी खेमे से कोई ठोस जवाब नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया पर लोग खूब मजे ले रहे हैं। यूजर्स पूछ रहे हैं क्या वाकई ओवैसी अपनी पार्टी में इतना बड़ा दिल दिखा पाएंगे? या फिर 'लेडी पीएम' की बात सिर्फ तालियां बटोरने के लिए है?

राजनीति में कहना आसान होता है और करना मुश्किल। बीजेपी ने गेंद अब ओवैसी के पाले में डाल दी है देखना दिलचस्प होगा कि वे इसे लपकते हैं या फिर 'इग्नोर' कर आगे बढ़ जाते हैं।