राजस्थान में आग उगल रहा सूरज चूरू में पारा 43 डिग्री के करीब, सीजन का सबसे गर्म दिन अगले 3 दिन भीषण लू का अलर्ट
News India Live, Digital Desk: राजस्थान में गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ते ही मरुधरा के आसमान से आग बरसने लगी है। रविवार, 19 अप्रैल 2026 को जारी आंकड़ों के अनुसार, चूरू एक बार फिर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया गया। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और सड़कों पर दोपहर के समय सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है।
चूरू का पारा सामान्य से 3 डिग्री ऊपर
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, चूरू में रविवार को अधिकतम तापमान 42.8 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है। यह सामान्य से करीब 3 डिग्री अधिक है। केवल चूरू ही नहीं, बल्कि राजस्थान के अन्य शहर भी भट्टी की तरह तप रहे हैं। चित्तौड़गढ़ में पारा 42.6°C, बाड़मेर और कोटा में 42.2°C, जबकि राजधानी जयपुर में 40.8°C रिकॉर्ड किया गया है।
पश्चिमी राजस्थान में हीटवेव की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने अगले तीन दिनों के लिए कड़ा अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक, आने वाले 72 घंटों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी हो सकती है। विशेष रूप से पश्चिमी राजस्थान के जिलों—बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर और फलोदी—में भीषण लू (Heatwave) चलने की संभावना है। उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के ऊपरी वायुमंडल में एक चक्रवाती परिसंचरण बने होने के कारण तेज गर्म हवाओं के साथ धूल उड़ने से दृश्यता (Visibility) भी कम हो रही है।
दोपहर 12 से 4 बजे तक 'कर्फ्यू' जैसे हालात
तेज धूप और लू के थपेड़ों के कारण लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। बाजारों में दोपहर के समय आवाजाही बेहद कम हो गई है। सड़कों पर जो लोग नजर आ भी रहे हैं, वे छातों, चश्मों और चेहरों को गमछे से ढककर बचाव कर रहे हैं। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग गन्ने का रस, ठंडी छाछ और पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं। मौसम विभाग ने बुजुर्गों और बच्चों को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी है।
मेटाबॉलिज्म और स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर
अचानक बढ़ी इस गर्मी ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को भी बढ़ा दिया है। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में शरीर में पानी की कमी न होने दें और तरल पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करें। मौसम विभाग का अनुमान है कि फिलहाल राहत मिलने के कोई संकेत नहीं हैं और अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है।