मोज्तबा खामेनेई ईरान के भावी सुप्रीम लीडर का लंदन से दुबई तक फैला गुप्त साम्राज्य
News India Live, Digital Desk: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोज्तबा खामेनेई को अक्सर दुनिया के सामने एक धार्मिक और सादा जीवन जीने वाले व्यक्ति के रूप में पेश किया जाता है। लेकिन ब्लूमबर्ग की एक ताजा खोजी रिपोर्ट ने इस छवि के पीछे छिपे 138 मिलियन डॉलर (लगभग 100 मिलियन पाउंड) के एक विशाल वित्तीय साम्राज्य का पर्दाफाश किया है।
यह नेटवर्क तेहरान की गलियों से लेकर लंदन के 'बिलेनियर रो' (Billionaires' Row) तक फैला हुआ है, जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को धता बताकर खड़ा किया गया है।
1. 'बिलेनियर रो' और मोज्तबा का कनेक्शन
लंदन के उत्तरी इलाके में स्थित 'द बिशप्स एवेन्यू' दुनिया की सबसे महंगी सड़कों में से एक है। यहाँ की कई आलीशान हवेलियां, जो बाहर से वीरान और बंद दिखती हैं, मोज्तबा के निवेश नेटवर्क का हिस्सा हैं।
अदृश्य मालिकाना हक: इन संपत्तियों का सीधा संबंध मोज्तबा से नहीं दिखता, क्योंकि इन्हें शेल कंपनियों और बिचौलियों के एक जटिल जाल के जरिए खरीदा गया है।
कीमत: रिपोर्ट के अनुसार, एक हवेली को 2014 में ही करीब 33.7 मिलियन पाउंड में खरीदा गया था।
2. अली अंसारी: इस साम्राज्य का 'मनी मैन'
इस पूरे नेटवर्क का सबसे महत्वपूर्ण मोहरा ईरानी व्यवसायी अली अंसारी को माना जाता है।
फ्रंटमैन: दस्तावेजों में संपत्तियां अंसारी के नाम पर हैं, लेकिन खुफिया एजेंसियों का मानना है कि वे मोज्तबा के लिए 'फ्रंटमैन' के रूप में काम कर रहे हैं।
प्रतिबंध: अंसारी पर ब्रिटेन ने अक्टूबर में प्रतिबंध लगाए थे। उन्होंने साइप्रस का पासपोर्ट हासिल कर रखा है, जिससे उन्हें यूरोप में बैंकिंग और पहचान छुपाने में आसानी होती है।
ईरान मॉल: अंसारी ने ही ईरान का प्रसिद्ध 'ईरान मॉल' बनवाया है और वे अब बंद हो चुके अयातुल्ला बैंक के मालिक भी रहे हैं।
3. साम्राज्य का विस्तार: शिपिंग से लेकर होटलों तक
मोज्तबा खामेनेई का निवेश केवल रियल एस्टेट तक सीमित नहीं है:
जर्मनी: फ्रैंकफर्ट का लग्जरी हिल्टन होटल (मालिकाना हक नेटवर्क की कंपनियों के पास, हिल्टन केवल प्रबंधन करता है)।
दुबई: 'दुबई के बेवर्ली हिल्स' कहे जाने वाले इलाके में आलीशान विला।
स्पेन: मैलोर्का के लक्जरी होटलों में भारी निवेश।
वित्तीय स्रोत: इस पैसे का मुख्य स्रोत ईरानी तेल की अवैध बिक्री बताया गया है, जिसे यूएई, स्विट्जरलैंड और लिकटेंस्टीन के बैंकों के माध्यम से घुमाया जाता है।
4. 'सादा जीवन' का ढोंग और 'अगाजादेह' का गुस्सा
ईरानी सरकारी मीडिया खामेनेई परिवार को बेहद सात्विक और गरीबों का मसीहा बताता है। लेकिन इस खुलासे ने ईरान की जनता के बीच 'अगाजादेह' (रसूखदार परिवारों के भ्रष्ट बच्चे) शब्द को लेकर गुस्से को और भड़का दिया है।
विपरीत हकीकत: जहाँ ईरान की आम जनता महंगाई और अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण गरीबी में जी रही है, वहीं सत्ता के शीर्ष पर बैठे परिवार का यह विलासिता पूर्ण जीवन एक बड़े विरोधाभास को जन्म देता है।
5. उत्तराधिकार की लड़ाई और भविष्य
86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई के बाद मोज्तबा को उनका उत्तराधिकारी माना जा रहा है।
छवि को धक्का: भ्रष्टाचार का यह खुलासा उनकी दावेदारी को कमजोर कर सकता है।
वैश्विक दबाव: 2025 में डोनाल्ड ट्रंप की वापसी और बढ़ते आर्थिक दबावों के बीच, यह देखना दिलचस्प होगा कि मोज्तबा और अली अंसारी अपने इस यूरोपीय साम्राज्य को कैसे बचा पाते हैं।