CJI के सामने भिड़ गया 19 साल का छात्र बिना वकील खुद लड़ा अपना केस NEET परीक्षार्थी के जज्बे को देख दंग रह गए जस्टिस चंद्रचूड़

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News India Live, Digital Desk : देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट में अक्सर बड़े-बड़े दिग्गजों और नामी वकीलों की बहस देखने को मिलती है। लेकिन, हाल ही में एक ऐसी घटना हुई जिसने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ समेत वहां मौजूद हर शख्स को हैरान कर दिया। महज 19 साल के एक NEET एस्पिरेंट ने बिना किसी वकील के, खुद अपनी पैरवी की और अदालत के सामने अपनी बात इतनी मजबूती से रखी कि हर कोई उसकी तारीफ करने लगा।

क्या था पूरा मामला?

यह मामला मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET (National Eligibility cum Entrance Test) से जुड़ा है। उत्तर प्रदेश के रहने वाले इस छात्र ने परीक्षा की प्रक्रिया या परिणामों में किसी विसंगति को लेकर याचिका दायर की थी। आमतौर पर ऐसी याचिकाओं के लिए लोग महंगे वकीलों का सहारा लेते हैं, लेकिन इस छात्र ने अपनी आर्थिक स्थिति या आत्मविश्वास के चलते खुद ही कोर्ट रूम में खड़े होकर बहस करने का फैसला किया।

CJI चंद्रचूड़ ने दी शाबाशी

जब मामला सुनवाई के लिए आया, तो छात्र ने बिना डरे अपनी दलीलें पेश करना शुरू किया। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ उसकी कानूनी समझ और स्पष्टता को देखकर काफी प्रभावित हुए। कोर्ट रूम में मौजूद सूत्रों के अनुसार, CJI ने न केवल उसे ध्यान से सुना, बल्कि उसके आत्मविश्वास की सराहना भी की।

"अदालत ने छात्र से कुछ कठिन सवाल भी पूछे, जिनका उसने बिना हिचकिचाहट और पूरी तैयारी के साथ जवाब दिया।"

कानूनी बारीकियों पर पकड़

सुनवाई के दौरान छात्र ने नीट परीक्षा की गाइडलाइंस और संविधान के अनुच्छेदों का हवाला देते हुए अपनी बात रखी। उसने बताया कि कैसे एक छोटे से बदलाव या गलती का असर लाखों छात्रों के भविष्य पर पड़ता है। हालांकि कोर्ट का अंतिम फैसला कानूनी प्रक्रिया के तहत आएगा, लेकिन इस युवा छात्र ने यह साबित कर दिया कि अगर आपके पास ज्ञान और साहस है, तो न्याय का दरवाजा हर किसी के लिए खुला है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ 'युवा वकील'

सुप्रीम कोर्ट की इस घटना की खबर जैसे ही बाहर आई, सोशल मीडिया पर लोग इस छात्र को "भविष्य का बेहतरीन वकील" बताने लगे। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना दर्शाती है कि आज की युवा पीढ़ी अपने अधिकारों के प्रति कितनी जागरूक है।