Gen Z में तेजी से बढ़ रहा है फैटी लिवर का खतरा युवाओं में दिखने वाले इन 5 लक्षणों को न करें नजरअंदाज
News India Live, Digital Desk : लिवर हमारे शरीर का 'इंजन' है, लेकिन आज की युवा पीढ़ी यानी जेन-जी की जीवनशैली इस इंजन को जाम कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड, शुगर युक्त ड्रिंक्स और घंटों एक जगह बैठकर काम करने की आदत युवाओं में Non-Alcoholic Fatty Liver Disease (NAFLD) का कारण बन रही है।
युवाओं में फैटी लिवर के शुरुआती लक्षण (Symptoms)
अक्सर लोग इसे सामान्य थकान समझकर टाल देते हैं, लेकिन ये संकेत गंभीर हो सकते हैं:
लगातार थकान महसूस होना: बिना किसी भारी काम के भी हर समय थकावट और कमजोरी महसूस होना लिवर की सुस्ती का संकेत हो सकता है।
पेट के दाहिने हिस्से में दर्द या भारीपन: पसलियों के ठीक नीचे दाहिनी ओर भारीपन या हल्का दर्द महसूस होना लिवर में सूजन का संकेत है।
अचानक वजन बढ़ना: विशेष रूप से पेट के आसपास की चर्बी (Belly Fat) का तेजी से बढ़ना फैटी लिवर की ओर इशारा करता है।
त्वचा और आंखों में पीलापन: हल्का पीलापन या खुजली महसूस होना इस बात का संकेत है कि लिवर टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में संघर्ष कर रहा है।
भूख में कमी और जी मिचलाना: सुबह के समय मतली जैसा महसूस होना या खाने की इच्छा कम हो जाना भी एक बड़ा लक्षण है।
[Image showing the difference between a healthy liver and a fatty liver in a young human body]
Gen Z में क्यों बढ़ रही है यह बीमारी?
सिटिंग जॉब और स्क्रीन टाइम: घंटों एक जगह बैठकर लैपटॉप या मोबाइल का इस्तेमाल।
शुगर और कैफीन का अधिक सेवन: एनर्जी ड्रिंक्स, कोला और मीठी कॉफी का अत्यधिक उपयोग।
नींद की कमी: देर रात तक जागने से शरीर का मेटाबॉलिज्म बिगड़ जाता है, जिसका सीधा असर लिवर पर पड़ता है।
प्रोसेस्ड फूड: पिज्जा, बर्गर और पैकेट बंद स्नैक्स में मौजूद बैड फैट्स लिवर के आसपास जमा होने लगते हैं।
बचाव के आसान तरीके (Prevention)
रोजाना 30 मिनट व्यायाम: पैदल चलना या योग लिवर की चर्बी को कम करने में मदद करता है।
फाइबर युक्त आहार: हरी सब्जियां, साबुत अनाज और फलों को डाइट में शामिल करें।
पानी की पर्याप्त मात्रा: शरीर को हाइड्रेटेड रखकर लिवर से गंदगी बाहर निकालें।
नियमित चेकअप: यदि आप मोटापे या डायबिटीज से जूझ रहे हैं, तो साल में एक बार लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) जरूर कराएं।