Bihar Controversy : कौन हैं IAS नीलेश देवरे? अशोक चौधरी के चार्टर प्लेन विवाद में अब दलित कार्ड की एंट्री
News India Live, Digital Desk : बिहार की राजनीति में इन दिनों एक आईएएस अधिकारी और एक कद्दावर मंत्री के बीच की तल्खी चर्चा का विषय बनी हुई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी मंत्री अशोक चौधरी और आईएएस अधिकारी नीलेश देवरे (Nilesh Deore) के बीच 'चार्टर प्लेन' के इस्तेमाल को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक नया मोड़ ले चुका है। इस प्रशासनिक लड़ाई में अब 'दलित अस्मिता' का एंगल जुड़ गया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
क्या है पूरा 'चार्टर प्लेन' विवाद?
विवाद की जड़ तब शुरू हुई जब एक आधिकारिक दौरे के लिए चार्टर प्लेन के उपयोग पर सवाल उठे। आरोप-प्रत्यारोप का दौर तब तेज हो गया जब मंत्री अशोक चौधरी ने इस पूरे मामले को अपनी जाति से जोड़ते हुए इसे 'दलित विरोधी' मानसिकता का परिणाम बताया। उन्होंने संकेत दिया कि कुछ अधिकारी जानबूझकर दलित जनप्रतिधियों को निशाना बना रहे हैं।
कौन हैं IAS नीलेश देवरे?
नीलेश रामचंद्र देवरे (Nilesh Deore) बिहार कैडर के एक तेजतर्रार आईएएस अधिकारी हैं। वर्तमान में वे एक महत्वपूर्ण विभाग में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। प्रशासनिक हलकों में उनकी छवि एक नियम का पालन करने वाले (Strict) अधिकारी की रही है। हालांकि, इस विवाद के केंद्र में आने के बाद वे सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में हैं। विपक्ष ने भी इस मामले को लपकते हुए सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है।
अशोक चौधरी का 'दलित कार्ड' और सियासत
मंत्री अशोक चौधरी ने सोशल मीडिया और प्रेस के माध्यम से अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है। उन्होंने तर्क दिया कि जब अन्य लोग ऐसी सुविधाओं का उपयोग करते हैं तो सवाल नहीं उठते, लेकिन एक दलित नेता के मामले में इसे मुद्दा बनाया जा रहा है। उनके इस बयान ने एनडीए (NDA) के भीतर भी चर्चा छेड़ दी है कि क्या यह नौकरशाही बनाम विधायिका की जंग है?
नीतीश कुमार के लिए बढ़ी चुनौती
एक तरफ उनके पसंदीदा मंत्री हैं और दूसरी तरफ सिस्टम चलाने वाले अधिकारी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए इस विवाद को शांत करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। विपक्षी दल राजद (RJD) ने इस मुद्दे पर तंज कसते हुए कहा है कि “डबल इंजन सरकार में मंत्री और अधिकारी ही आपस में लड़ रहे हैं, तो जनता का भला कैसे होगा?”