सोनपुर मेले में घोड़ों की 'बादशाहत' खत्म? अब कुत्तों और बकरियों का बाजार गुलजार
एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला, विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला, अब धीरे-धीरे अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। कभी जहां हजारों घोड़ों की टापों से पूरा मेला गूंजता था, अब वहां उनकी संख्या घटकर नाम मात्र की रह गई है। आलम यह है कि मेले के विशाल घोड़ा बाजार में बिक्री के लिए अब सिर्फ 50 घोड़े ही बचे हैं।
पशुपालन विभाग द्वारा 22 नवंबर को जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, इस साल सोनपुर मेले में कुल 2049 घोड़े बिक चुके हैं। इस बार सबसे महंगे घोड़े की कीमत 1.10 लाख रुपये रही, जबकि सबसे सस्ता घोड़ा 52 हजार रुपये में बिका। घोड़ों की घटती संख्या ने मेले के पुराने जानकारों को थोड़ा निराश भी किया है।
घोड़े गए, पर बकरी-कुत्ते लाए रौनक
भले ही घोड़ा बाजार की रौनक फीकी पड़ गई हो, लेकिन मेले के दूसरे पशु बाजारों में अब भी खूब चहल-पहल है।
- बकरी बाजार: यह बाजार इस समय सबसे ज्यादा गुलजार है। मेले में 540 बकरियां और भेड़ें लाई गई थीं, जिनमें से 256 अब तक बिक चुकी हैं।
- कुत्ता बाजार: डॉग लवर्स के लिए भी यह मेला किसी जन्नत से कम नहीं। यहां अलग-अलग नस्लों के 411 कुत्ते लाए गए हैं, जिनमें से 59 को नए मालिक मिल चुके हैं।
- इनके अलावा, मेले में 17 मुर्रा भैंसें और 12 शाही जर्सी गायें भी मौजूद हैं, जो खरीदारों का ध्यान खींच रही हैं।
ड्यूटी से गायब मिले 7 पुलिस अफसर, SP ने रोका वेतन
एक तरफ जहां मेला अपने अंतिम पड़ाव पर है, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। सारण के वरीय एसपी डॉ. कुमार आशीष ने मेले की ड्यूटी से बिना बताए गायब मिले 7 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।
जब जांच की गई, तो ये सभी 7 अफसर अपने-अपने तैनाती स्थल से नदारद पाए गए। इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही मानते हुए, एसपी ने इन सभी का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया है और उन्हें 7 दिनों के अंदर अपना स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। एसपी ने साफ कहा है कि सारण पुलिस में अच्छा काम करने वालों को इनाम मिलेगा, तो वहीं लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।