हजारीबाग में लगी भीषण आग ने 29 परिवारों की रोजी-रोटी छीनी, सब कुछ जलकर राख
News India Live, Digital Desk : दिवाली का त्योहार अभी बीता ही था और लोग छठ की तैयारियों में जुटने लगे थे। बाजारों में रौनक थी और छोटे-छोटे दुकानदारों ने अपनी दुकानों में हजारों-लाखों का सामान भर रखा था, इस उम्मीद में कि त्योहारों में अच्छी कमाई होगी। लेकिन हजारीबाग के डेली मार्केट के 29 दुकानदारों के लिए बुधवार की रात एक ऐसा कहर बनकर टूटी, जिसने उनकी सारी उम्मीदों, सपनों और रोजी-रोटी को एक झटके में जलाकर राख कर दिया।
क्या हुआ उस रात?
यह घटना हजारीबाग के मुख्य बाजार, डेली मार्केट की है। बताया जा रहा है कि बुधवार देर रात करीब 2 बजे के आसपास एक दुकान में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी। दुकानें बांस और प्लास्टिक की बनी हुई थीं, इसलिए आग ने पलक झपकते ही विकराल रूप ले लिया और एक-एक कर आसपास की 29 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। इन दुकानों में फल, सब्जी, पूजा सामग्री और किराना का सामान भरा हुआ था।
जब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया गया, तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था।
दुकान नहीं, दुनिया उजड़ गई
गुरुवार की सुबह जब दुकानदार अपनी दुकानों पर पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जहां कल तक उनकी दुकानें थीं, वहां आज सिर्फ राख, जला हुआ सामान और धुएं का गुबार था। कई दुकानदार तो वहीं जमीन पर बैठकर फूट-फूटकर रोने लगे।
एक पीड़ित दुकानदार ने रोते हुए कहा, "सब कुछ खत्म हो गया साहब! दिवाली के बाद छठ के लिए नया माल भरा था। करीब 2 लाख रुपये का सामान था मेरी दुकान में, अब एक रुपये का भी नहीं बचा। कर्ज लेकर धंधा शुरू किया था, अब कैसे चुकाएंगे, कैसे घर चलाएंगे!"
यह सिर्फ एक दुकानदार का दर्द नहीं, बल्कि उन सभी 29 परिवारों की कहानी है जिनकी पूरी गृहस्थी इसी छोटे से धंधे पर चलती थी। अनुमान है कि इस आगजनी में दुकानदारों को 50 लाख रुपये से भी ज्यादा का नुकसान हुआ है।
अब आगे क्या?
इन छोटे दुकानदारों के सामने अब भविष्य का अंधेरा है। उनकी पूरी जमा-पूंजी इस आग में स्वाहा हो गई। अब उन्हें सरकार और प्रशासन से ही मदद की आखिरी उम्मीद है। उन्होंने मुआवजे की गुहार लगाई है ताकि वे फिर से अपनी जिंदगी की गाड़ी को पटरी पर लाने की कोशिश कर सकें। यह आग सिर्फ दुकानों में नहीं लगी है, यह उन 29 परिवारों के सपनों और उनके भविष्य पर लगी है, जिसे बुझने में शायद एक लंबा वक्त लग जाएगा।