Malayalam Actress : वो एक सीन और बर्बाद हुई इज्जत, श्वेता मेनन की अनसुनी कहानी जो आपको रुला देगी
News India Live, Digital Desk: Malayalam Actress : मलयालम फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री और 'अम्मा' (एसोसिएशन ऑफ मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स) की प्रमुख श्वेता मेनन ने सालों से अपने दिल में दबे एक पुराने जख्म को फिर से कुरेदा है. एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उन पर लगे अश्लीलता के मामले पर उन्होंने पहली बार खुलकर बात की है और साथ ही महिला कलाकारों के काम करने के घंटों को लेकर एक ऐसी मांग उठाई है, जिससे इंडस्ट्री में एक नई बहस छिड़ गई है.
जब एक सीन पर मचा था बवाल
यह बात उन दिनों की है जब श्वेता मेनन अपनी फिल्म 'कलीमन्नू' की शूटिंग कर रही थीं. इस फिल्म में उन्होंने एक गर्भवती महिला का किरदार निभाया था और एक सीन में उनके बच्चे के जन्म को फिल्माया गया था. इस सीन को लेकर उस समय काफी विवाद हुआ और उन पर अश्लीलता फैलाने का आरोप लगाते हुए केस तक दर्ज कर दिया गया था. इतने सालों तक इस मुद्दे पर चुप रहने के बाद अब श्वेता ने कहा है कि उस दौरान उन्हें काफी कुछ सहना पड़ा. उन्होंने कहा, "वो एक बहुत ही मुश्किल दौर था, लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी. मुझे पता था कि मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है. मैं सिर्फ अपना काम कर रही थी."
इंडस्ट्री की महिलाओं के लिए उठाई आवाज
अपने पुराने दर्द को बयां करने के साथ-साथ, श्वेता मेनन ने महिला कलाकारों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया. 'अम्मा' की अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि इंडस्ट्री में महिलाओं के लिए काम करने के घंटे तय किए जाएं.
उन्होंने जोर देकर कहा, "पुरुष कलाकारों की तरह महिला कलाकारों को देर रात तक शूटिंग के लिए नहीं रोका जाना चाहिए. उनकी सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है. मैं इस बात पर जोर दे रही हूं कि शाम 6 बजे के बाद महिला कलाकारों को शूटिंग के लिए मजबूर न किया जाए, जब तक कि यह बहुत ही ज्यादा जरूरी न हो. अगर देर तक रुकना भी पड़े, तो उनके लिए पूरी सुरक्षा और आने-जाने की सही व्यवस्था होनी चाहिए."
श्वेता मेनन का यह बयान सिर्फ एक अभिनेत्री का दर्द नहीं, बल्कि इंडस्ट्री में काम करने वाली हजारों महिलाओं की आवाज है. एक तरफ जहां उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों का हिम्मत से सामना किया, वहीं दूसरी तरफ वो अब दूसरी महिला कलाकारों के लिए एक बेहतर और सुरक्षित माहौल बनाने की लड़ाई लड़ रही हैं. यह देखना अहम होगा कि उनकी इस मांग पर इंडस्ट्री क्या रुख अपनाती है.