कड़ाके की ठंड और घुटनों में ये कटकट? ये दर्द अब आपको घर पर बैठने के लिए मजबूर नहीं करेगा

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News India Live, Digital Desk : आज 1 जनवरी है, नया साल है। लेकिन जैसे ही दिसंबर खत्म हुआ और जनवरी की ये कड़ाके की ठंड शुरू हुई, बहुत से लोगों की एक पुरानी समस्या वापस लौट आई है वो है जोड़ों का दर्द (Joint Pain)। खासतौर पर हमारे घर के बड़े-बुजुर्गों या उन लोगों के लिए जिनके कभी चोट लगी थी, ये मौसम किसी चुनौती से कम नहीं होता। सुबह बिस्तर से उठते ही ऐसा लगता है मानो घुटने जाम हो गए हैं या उनमें ग्रीस खत्म हो गई है।

आखिर सर्दियों में ऐसा होता क्यों है?
अक्सर हम सोचते हैं कि ये सिर्फ़ उम्र का असर है। लेकिन सच तो ये है कि जब तापमान गिरता है, तो हमारे शरीर के जोड़ों के बीच जो लिक्विड (Synovial Fluid) होता है, वो थोड़ा गाढ़ा होने लगता है। साथ ही ठंड की वजह से नसें सिकुड़ती हैं और ब्लड सर्कुलेशन थोड़ा धीमा पड़ जाता है। नतीजा तेज़ दर्द, सूजन और चलने-फिरने में तकलीफ।

क्या करें जिससे सर्दियों की धूप का मजा लिया जा सके?

चलो, सीधे उन बातों पर आते हैं जिन्हें अगर आप आज से अपना लेंगे, तो यकीन मानिए दर्द में बहुत फर्क महसूस करेंगे:

  1. धूप से दोस्ती ज़रूरी है: 2026 की भागदौड़ में हम भूल ही जाते हैं कि कुदरत ने हमें विटामिन-डी (Vitamin D) का सबसे सस्ता ज़रिया सूरज की किरणों के रूप में दिया है। रोज़ कम से कम 20-30 मिनट धूप में बैठने की आदत डालें। ये हड्डियों के लिए 'फ्यूल' की तरह काम करता है।
  2. गुनगुने तेल की मालिश: दादी-नानी वाला वो सरसों का तेल और उसमें थोड़ी सी मेथी या लहसुन डालकर गरम करना... ये आज भी बेस्ट है। रात को सोने से पहले जोड़ों की हल्की मालिश करें। इससे नसों में गर्माहट आती है और ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है।
  3. कपड़ों में कंजूसी न करें: फैशन के चक्कर में बहुत से लोग गर्म कपड़े पहनने में देरी करते हैं। अपने घुटनों को ढंक कर रखें। गरम मोजे या 'नी-कैप' (Knee cap) का इस्तेमाल करना एक समझदारी भरा कदम है, ताकि बाहरी हवा आपके जोड़ों को ठंडा न करे।
  4. किचन में छिपी है दवा: क्या आपने अपनी चाय में अदरक और तुलसी डाली है? अगर नहीं, तो शुरू कीजिये। अदरक और हल्दी में 'एंटी-इंफ्लेमेटरी' गुण होते हैं जो शरीर के भीतर की सूजन को कम करते हैं।
  5. हलकी एक्सरसाइज: दर्द की वजह से एक ही जगह बैठे न रहें। कमरे के भीतर ही थोड़ा टहलें या हल्के स्ट्रेचेस करें। याद रखिये, जो अंग जितना हिलता-डुलता रहेगा, वह उतना ही सक्रिय (Active) रहेगा।

एक ज़रूरी सलाह:
अगर दर्द हद से ज्यादा बढ़ रहा है या सूजन के साथ लालिमा (Redness) भी आ गई है, तो घरेलू नुस्खों के भरोसे न बैठें। एक बार डॉक्टर से मिलें।

2026 का यह साल आप सबके लिए सेहतमंद रहे। नए साल के जश्न के साथ-साथ अपनी सेहत का भी उतना ही ख्याल रखियेगा, क्योंकि शरीर ठीक है, तो ही साल हसीन है!