ईरान के भावी सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की हालत बेहद नाजुक, अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट से मचा हड़कंप
News India Live, Digital Desk: मिडिल ईस्ट में तनाव के चरम के बीच एक ऐसी खबर सामने आ रही है जिसने पूरी दुनिया के सुरक्षा विश्लेषकों को चौंका दिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे और उनके उत्तराधिकारी माने जाने वाले मुजतबा खामेनेई की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी की एक लीक हुई मेमो (Memo) के हवाले से दावा किया जा रहा है कि मुजतबा इस वक्त 'क्रिटिकल कंडीशन' में हैं। इस खबर ने न केवल ईरान बल्कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में भी खलबली मचा दी है क्योंकि मुजतबा को ईरान की सत्ता का भविष्य माना जाता रहा है।
खुफिया रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: कहां हैं मुजतबा?
अमेरिकी इंटेलिजेंस मेमो के मुताबिक, मुजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर लंबे समय से गोपनीयता बरती जा रही थी, लेकिन अब हालात काबू से बाहर होते दिख रहे हैं। रिपोर्ट में मुजतबा के संभावित लोकेशन और उनकी चिकित्सा स्थिति को लेकर कुछ गुप्त जानकारियां साझा की गई हैं। हालांकि ईरान ने आधिकारिक तौर पर इस खबर की पुष्टि नहीं की है, लेकिन जिस तरह से यह सूचना अंतरराष्ट्रीय मीडिया में लीक हुई है, उसने ईरान के भीतर सत्ता संघर्ष की आशंकाओं को जन्म दे दिया है।
सत्ता के गलियारों में उत्तराधिकार की जंग तेज
मुजतबा खामेनेई केवल अली खामेनेई के बेटे ही नहीं हैं, बल्कि ईरान की शक्तिशाली 'रिवोल्यूशनरी गार्ड्स' और धार्मिक नेतृत्व के बीच एक मजबूत कड़ी माने जाते हैं। इब्राहिम रायसी की एक विमान दुर्घटना में मौत के बाद से ही मुजतबा को अगले सुप्रीम लीडर के तौर पर सबसे प्रबल दावेदार के रूप में देखा जा रहा था। अब उनकी गंभीर बीमारी की खबरों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि यदि मुजतबा सीन से बाहर होते हैं, तो ईरान की कमान किसके हाथ में जाएगी?
मिडिल ईस्ट के समीकरणों पर पड़ेगा बड़ा असर
ईरान इस वक्त इजरायल और अमेरिका के साथ सीधे टकराव की स्थिति में है। ऐसे नाजुक समय में नेतृत्व को लेकर पैदा हुई अस्थिरता देश के मनोबल और सैन्य फैसलों को प्रभावित कर सकती है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मुजतबा की स्थिति पर अमेरिकी खुफिया विभाग की पैनी नजर है, क्योंकि ईरान में सत्ता परिवर्तन का सीधा असर ग्लोबल ऑयल मार्केट और परमाणु समझौते जैसे गंभीर मुद्दों पर पड़ता है।
क्या छुपा रहा है ईरान?
इतिहास गवाह है कि ईरान अपने शीर्ष नेताओं की सेहत को लेकर बेहद सख्त गोपनीयता बरतता है। मुजतबा खामेनेई की नाजुक हालत की खबरें ऐसे समय में आई हैं जब ईरान पहले से ही बाहरी प्रतिबंधों और आंतरिक विरोध का सामना कर रहा है। यदि अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट सच साबित होती है, तो आने वाले दिनों में तेहरान की सड़कों से लेकर सरकारी दफ्तरों तक बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें तेहरान से आने वाले किसी आधिकारिक बयान पर टिकी हैं।