'शहर जल रहा था, वो कह रहे इज्जत बढ़ गई': पाकिस्तान आर्मी चीफ का अजीब दावा, इस्लामाबाद ऑपरेशन पर बोले- दुनिया में हमारा कद बढ़ा!
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पिछले कुछ दिनों से जो हुआ, उसे पूरी दुनिया ने देखा। इमरान खान की पार्टी (PTI) के समर्थक सड़कों पर थे, आंसू गैस के गोले चल रहे थे और कंटेनरों से शहर को सील कर दिया गया था।लेकिन, इस भारी हंगामे के बीच पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर (General Asim Munir) ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसे सुनकर शायद आप भी अपना सिर खुजलाने लगें।
हाल ही में हुए क्रैकडाउन (Protest Crackdown) के बाद जनरल मुनीर ने दावा किया है कि सेना और सुरक्षा बलों की कार्रवाई ने "इस्लामाबाद और पाकिस्तान का वैश्विक दर्जा (Global Status) बढ़ाया है।" आइये जानते हैं उन्होंने आखिर ऐसा क्यों कहा और जमीनी हकीकत क्या है।
आसिम मुनीर का 'दौरा' और जवानों को शाबाशी
जब इस्लामाबाद के डी-चौक (D-Chowk) से प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया गया, तो जनरल आसिम मुनीर ने वहां तैनात सुरक्षा बलों (Rangers and Troops) का दौरा किया। वहां उन्होंने जवानों की पीठ थपथपाई और उनके 'प्रोफेशनलिज्म' की तारीफ की।
जनरल का दावा:
उन्होंने सैनिकों से कहा कि आपने जिस तरह 'दंगाइयों' (Fitna/Anarchy) को रोका और कानून-व्यवस्था बहाल की, उसने देश की इज्जत बचा ली। जनरल मुनीर के मुताबिक, इस 'सफल ऑपरेशन' ने दुनिया को दिखा दिया कि पाकिस्तान एक जिम्मेदार देश है और यहां राज्य की रिट (Writ of State) सबसे ऊपर है। उनका कहना था कि इस एक्शन से दुनिया भर में इस्लामाबाद का मान बढ़ा है।
सड़कों पर संग्राम, पर दावा 'सम्मान' का
हैरानी की बात यह है कि जब जनरल साहब 'वैश्विक दर्जे' के बढ़ने की बात कर रहे थे, उस वक्त इस्लामाबाद के मंज़र कुछ और ही कहानी बयां कर रहे थे:
- राजधानी को किसी किले में तब्दील कर दिया गया था।
- इंटरनेट सेवाएं बंद थीं और जनजीवन ठप था।
- पीटीआई (PTI) का आरोप है कि इस ऑपरेशन में उनके कई समर्थक मारे गए हैं, जबकि सरकार इसे अपनी जीत बता रही है।
'ऑपरेशन' का असली मतलब क्या था?
जिसे सेना 'कानून की बहाली' कह रही है, उसे विपक्ष 'जुल्म' बता रहा है। सेना का मानना है कि प्रदर्शनकारियों (जिन्हें उन्होंने फितना या उपद्रवी कहा) को हटाना बहुत जरूरी था क्योंकि इससे पाकिस्तान की इकॉनमी और सुरक्षा को खतरा था। सेना का तर्क है कि अगर राजधानी पर भीड़ का कब्ज़ा हो जाता, तो दुनिया में पाकिस्तान की बदनामी होती-इसलिए, उन्हें हटाकर इज्जत 'बचाई' गई और 'बढ़ाई' गई।