Bollywood 90s : का वो गाना जिसने बनाया इतिहास जब समीर अनजान ने घूंघट की आड़ से लिखकर जीत लिया था सबका दिल, जानें किस्सा
News India Live, Digital Desk: 90 के दशक की फिल्मों और उनके गानों का अपना ही एक अलग जादू था। उन्हीं जादुई गानों में से एक है फिल्म 'हम हैं राही प्यार के' (1993) का सुपरहिट गाना "घूंघट की आड़ से दिलबर का दीदार अधूरा रहता है।" आमिर खान और जूही चावला पर फिल्माया गया यह गाना आज भी शादियों और रोमांटिक प्लेलिस्ट की शान है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस गाने को लिखने के पीछे मशहूर गीतकार समीर अनजान (Sameer Anjaan) की क्या सोच थी और कैसे इस एक गाने ने आमिर खान के करियर में संगीत का एक नया अध्याय जोड़ दिया था?
समीर अनजान का कलम का जादू
समीर अनजान ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि जब निर्देशक महेश भट्ट और संगीतकार नदीम-श्रवण ने उन्हें इस फिल्म के लिए ब्रीफ दिया, तो वे एक ऐसा गाना चाहते थे जो 'मासूमियत' (Innocence) और 'शर्म' (Bashfulness) को दर्शाता हो। समीर ने उस दौर की नजाकत को पकड़ा और 'घूंघट' शब्द को केंद्र में रखकर पंक्तियां बुनीं।
दिलचस्प बात: उस समय 'घूंघट' शब्द को थोड़ा पुराना माना जा रहा था, लेकिन समीर का मानना था कि भारतीय संस्कृति में प्यार का इजहार जब शर्म और हया के साथ होता है, तो वह ज्यादा गहरा लगता है। परिणाम सबके सामने था—गाना ब्लॉकबस्टर साबित हुआ।
फिल्मफेयर अवॉर्ड और 'बेस्ट सॉन्ग' का खिताब
इस गाने ने न केवल चार्टबस्टर्स पर राज किया, बल्कि 1994 के फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में समीर अनजान को 'सर्वश्रेष्ठ गीतकार' का पुरस्कार भी दिलाया। नदीम-श्रवण का संगीत और कुमार सानू व अलका याग्निक की मखमली आवाज ने इस गाने को अमर बना दिया। जूही चावला की चुलबुली एक्टिंग और आमिर खान की सादगी ने पर्दे पर इस गाने में जान फूंक दी थी।
गाने से जुड़े 3 अनसुने फैक्ट्स (Trivia)
जूही चावला का नेशनल अवॉर्ड: इसी फिल्म के लिए जूही चावला को फिल्मफेयर का 'बेस्ट एक्ट्रेस' अवॉर्ड मिला था, और "घूंघट की आड़ से" गाने में उनकी परफॉरमेंस को काफी सराहा गया।
समीर की हैट्रिक: समीर अनजान के लिए यह दौर सुनहरा था। वे एक के बाद एक सुपरहिट गाने दे रहे थे और इस गाने ने उन्हें इंडस्ट्री के सबसे महंगे गीतकारों की कतार में खड़ा कर दिया था।
सिंपल और स्वीट धुन: नदीम-श्रवण ने इस गाने के लिए बहुत ज्यादा वाद्य यंत्रों (Instruments) का प्रयोग नहीं किया था, ताकि बोल और गायकी की मिठास बनी रहे।
आज भी क्यों है यह गाना खास?
आज के 'रीमिक्स' और 'फास्ट म्यूजिक' के दौर में "घूंघट की आड़ से" अपनी रूहानियत के कारण टिका हुआ है। आमिर खान की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई की थी और इस सफलता में संगीत का 50% से ज्यादा योगदान माना जाता है। समीर अनजान की लिखी ये पंक्तियां आज भी प्यार करने वालों को उस दौर की याद दिलाती हैं जहाँ प्यार के लिए शब्दों से ज्यादा नजरों का खेल होता था।