BREAKING:
April 05 2026 07:45 pm

केरल चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ उतरे तेजस्वी यादव, CPM उम्मीदवार के लिए मांगा वोट, बिहार में मचा सियासी घमासान

Post

News India Live, Digital Desk: राष्ट्रीय राजनीति में भाजपा के खिलाफ 'INDIA' गठबंधन का हिस्सा रहे विपक्षी दलों के बीच अब दरारें साफ नजर आने लगी हैं। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने केरल विधानसभा चुनाव 2026 के रण में उतरकर कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। तेजस्वी यादव केरल में कांग्रेस नीत यूडीएफ (UDF) के खिलाफ और सत्ताधारी वामपंथी गठबंधन एलडीएफ (LDF) के पक्ष में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। इस कदम ने बिहार से लेकर केरल तक की राजनीति में नया उबाल ला दिया है।

कांग्रेस के खिलाफ तेजस्वी का प्रचार: CPM उम्मीदवार के लिए की अपील तेजस्वी यादव बुधवार, 1 अप्रैल को केरल के मलप्पुरम पहुंचे, जहां उन्होंने पोन्नानी (Ponnani) विधानसभा सीट से सीपीआई-एम (CPI-M) उम्मीदवार एम.के. सगीर के पक्ष में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। दिलचस्प बात यह है कि राष्ट्रीय स्तर पर आरजेडी और कांग्रेस एक साथ हैं, लेकिन केरल में तेजस्वी ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने वहां की जनता से एलडीएफ सरकार को फिर से चुनने की अपील की और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के 'विकास मॉडल' की जमकर तारीफ की।

बिहार की तुलना केरल से कर विवादों में घिरे तेजस्वी केरल के कोझिकोड में चुनाव प्रचार के दौरान तेजस्वी यादव ने एक ऐसा बयान दिया, जिससे बिहार में सत्ताधारी एनडीए (NDA) को उन पर हमला करने का मौका मिल गया। तेजस्वी ने केरल की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की सराहना करते हुए बिहार को 'पिछड़ा' राज्य बता दिया। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि बिहार भी केरल की तरह प्रगति करे। तेजस्वी के इस बयान पर बिहार में भाजपा और जदयू के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। एनडीए नेताओं का कहना है कि तेजस्वी यादव ने सात समंदर पार जाकर अपने ही राज्य बिहार को 'बदनाम' किया है।

विपक्षी गठबंधन 'INDIA' पर उठ रहे सवाल केरल में तेजस्वी के इस रुख ने 'INDIA' गठबंधन की एकजुटता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि तेजस्वी ने सफाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर वे सांप्रदायिक शक्तियों के खिलाफ एकजुट हैं, लेकिन क्षेत्रीय समीकरणों के आधार पर कुछ राज्यों में वे अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। लेकिन जानकारों का मानना है कि बिहार विधानसभा और हालिया राज्यसभा चुनावों में मिली हार के बाद तेजस्वी अब अपनी नई राजनीतिक जमीन तलाशने और कांग्रेस पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहे हैं।

केरल चुनाव 2026: 9 अप्रैल को होगा मतदान केरल की सभी 140 विधानसभा सीटों पर आगामी 9 अप्रैल 2026 को मतदान होना है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने तेजस्वी यादव के समर्थन का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी मौजूदगी से देश के 'धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने' को बचाने की लड़ाई और मजबूत होगी। वहीं, केरल कांग्रेस ने इसे आरजेडी का दोहरा चरित्र करार दिया है। अब देखना यह होगा कि तेजस्वी के इस कदम का असर बिहार की राजनीति और विपक्षी गठबंधन के भविष्य पर क्या पड़ता है।