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April 14 2026 08:55 am

पटियाला कोर्ट का बड़ा फैसला AAP विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा की पुलिस रिमांड बढ़ी, जानिए क्या है पूरा मामला

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News India Live, Digital Desk: पंजाब की सियासत में हलचल मचाने वाले सनौर से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पटियाला की एक अदालत ने रविवार को सुनवाई के बाद पठानमाजरा की पुलिस रिमांड एक और दिन के लिए बढ़ा दी है। इससे पहले वह चार दिनों की रिमांड पर थे। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि मामले की गहन जांच और कुछ महत्वपूर्ण सबूतों की बरामदगी के लिए विधायक से अभी और पूछताछ की जरूरत है।

फरारी के बाद एमपी के ग्वालियर से हुई थी गिरफ्तारी

पठानमाजरा पिछले करीब 6 महीने से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे थे। पटियाला पुलिस ने एक खुफिया ऑपरेशन 'ऑपरेशन पठान' के तहत उन्हें 24 मार्च 2026 की रात मध्य प्रदेश के ग्वालियर (शिवपुरी) से गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने उन्हें पहले ही भगोड़ा (Proclaimed Offender) घोषित कर दिया था और उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया था। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल के रास्ते भारत लौटे थे।

क्या हैं गंभीर आरोप? क्यों फंसे विधायक?

पठानमाजरा के खिलाफ जीरकपुर की एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद सितंबर 2025 में सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन, पटियाला में मामला दर्ज किया गया था। उन पर मुख्य रूप से ये आरोप हैं:

दुष्कर्म और यौन शोषण: महिला का आरोप है कि विधायक ने शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण किया।

धोखाधड़ी (Cheating): शिकायतकर्ता के अनुसार, पठानमाजरा ने खुद को तलाकशुदा बताकर 2021 में उससे शादी की, जबकि वह पहले से ही शादीशुदा थे।

आपराधिक धमकी: महिला ने उन पर अश्लील सामग्री भेजने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।

पंजाब की राजनीति में मंचा हड़कंप

पठानमाजरा की गिरफ्तारी पंजाब सरकार के लिए एक बड़ा सियासी इम्तिहान साबित हो रही है। विपक्ष लगातार 'आप' सरकार पर अपने दागी विधायकों को बचाने का आरोप लगा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि पिछले कुछ दिनों में गिरफ्तार होने वाले वह दूसरे विधायक हैं; इससे पहले पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को भी एक आत्महत्या के मामले में हिरासत में लिया गया था। पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा ने स्पष्ट किया है कि कानून अपना काम कर रहा है और इस मामले में किसी भी तरह का राजनीतिक दबाव नहीं है।