T20 World Cup 2026 : क्या टीम इंडिया लगाएगी खिताब की हैट्रिक? विशेषज्ञों ने बताया क्यों सूर्या की सेना है World Champions' बनने की सबसे बड़ी दावेदार
News India Live, Digital Desk : भारतीय टीम 7 फरवरी से अपने टी20 वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत कर रही है। टूर्नामेंट से ठीक पहले क्रिकेट विश्लेषकों और पूर्व खिलाड़ियों, जिनमें दीप दासगुप्ता और सौरव गांगुली जैसे दिग्गज शामिल हैं, ने भविष्यवाणी की है कि भारत इस बार अपना तीसरा टी20 वर्ल्ड कप खिताब जीतकर इतिहास रचेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि रोहित शर्मा के कप्तानी छोड़ने के बाद भी टीम की आक्रामक शैली कम नहीं हुई है, बल्कि नए खिलाड़ियों के आने से यह और भी घातक हो गई है।
क्यों 'नेक्स्ट लेवल' पर पहुँच गई है यह टीम?
रोहित का निडर टेम्पलेट: विशेषज्ञों का कहना है कि 2024 वर्ल्ड कप जीत के दौरान रोहित शर्मा ने जो 'फियरलेस' (Fearless) क्रिकेट की शुरुआत की थी, उसे सूर्यकुमार यादव और गौतम गंभीर की जोड़ी ने नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है। अब टीम पहली ही गेंद से विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाने की रणनीति पर काम करती है।
अभिषेक शर्मा और वरुण चक्रवर्ती का असर: टीम में अभिषेक शर्मा (बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष) और वरुण चक्रवर्ती (गेंदबाजी रैंकिंग में नंबर 1) जैसे खिलाड़ियों के जुड़ने से टीम का संतुलन काफी मजबूत हुआ है। अभिषेक का 194+ का स्ट्राइक रेट पावरप्ले में भारत को अजेय बढ़त दिला रहा है।
गहराई और विकल्प: पूर्व विकेटकीपर दीप दासगुप्ता के अनुसार, टीम के पास अब बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में जबरदस्त गहराई है। हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे और तिलक वर्मा जैसे खिलाड़ी टीम को वह लचीलापन देते हैं जो मुश्किल परिस्थितियों में जीत के लिए जरूरी है।
तीसरे खिताब की ओर कदम (Mission 3rd Title)
भारत ने अब तक दो बार (2007 और 2024) टी20 वर्ल्ड कप जीता है। यदि टीम इस बार भी खिताब जीतती है, तो वह तीन बार यह ट्रॉफी जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन जाएगी।
ताकत: जसप्रीत बुमराह की अगुवाई वाला गेंदबाजी आक्रमण और स्पिन विभाग (कुलदीप, वरुण और अक्षर) भारतीय पिचों पर किसी भी टीम के लिए चुनौती साबित होगा।
चुनौती: रोहित शर्मा ने चेतावनी दी है कि फरवरी में होने वाली 'ओस' (Dew) और टीम कॉम्बिनेशन (दो स्पिनर्स या तीन?) का चुनाव सूर्या और गंभीर के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगा।
क्या कहते हैं पूर्व खिलाड़ी?
दीप दासगुप्ता: "यह टीम रोहित के दौर से भी एक स्तर आगे निकल गई है। यदि एक बुरा दिन न आए, तो भारत को हराना नामुमकिन है।"
सुनील गावस्कर (अनुमानित): भारतीय बल्लेबाजी की ताकत को देखते हुए उन्होंने भी भारत को सेमीफाइनल और फाइनल का प्रबल दावेदार माना है।