T20 World Cup 2026 : क्या मिल गया टीम इंडिया को नया विराट कोहली? मुश्किल पिचों पर एंकर रोल के लिए तिलक वर्मा तैयार

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News India Live, Digital Desk : विराट कोहली के टी20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास के बाद सबसे बड़ा सवाल यह था कि मुश्किल पिचों पर पारी को संभालने का काम कौन करेगा? टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत से पहले पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों ने तिलक वर्मा पर मुहर लगा दी है। उन्हें कोहली का 'मॉडर्न-डे वर्जन' माना जा रहा है, जो न केवल पारी को एंकर (Anchor) कर सकते हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर तेजी से रन भी बना सकते हैं।

क्यों हो रही है विराट कोहली से तुलना?

विशेषज्ञों के पास तिलक को 'अगला कोहली' मानने के कई ठोस कारण हैं:

चेज़ मास्टर का अवतार: तिलक वर्मा ने हाल ही में टी20आई रन-चेज़ (लक्ष्य का पीछा करते हुए) में 68.0 की औसत हासिल की है, जो विराट कोहली (67.1) से भी बेहतर है। वे कम से कम 500 रन बनाने वाले बल्लेबाजों में दुनिया के नंबर 1 चेज़ स्पेशलिस्ट बन गए हैं।

एशिया कप का वो यादगार नॉक: पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने तिलक की तारीफ करते हुए कहा कि एशिया कप 2025 के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ उनकी नाबाद 69 रनों की पारी ने साबित कर दिया कि वे बड़े मैचों में कोहली की तरह दबाव सोख सकते हैं।

कंसिस्टेंसी और टेम्पो: तिलक का टी20आई औसत 49.25 है और स्ट्राइक रेट 144 के करीब। कोहली की तरह वे भी विकेट गिरने पर पारी को संभालते हैं और फिर अंत में आक्रामक रुख अपनाते हैं।

चोट को मात देकर की 'धमाकेदार' वापसी

वर्ल्ड कप से ठीक पहले तिलक वर्मा की फिटनेस को लेकर चिंताएं थीं क्योंकि उन्हें एब्डोमिनल सर्जरी करानी पड़ी थी। लेकिन उन्होंने अपनी रिकवरी से सबको चौंका दिया:

वॉर्म-अप मैच का जलवा: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वॉर्म-अप मैच में तिलक ने केवल 19 गेंदों पर 45 रनों की तूफानी पारी खेलकर अपनी फिटनेस साबित कर दी।

नंबर 3 का नया दावेदार: कप्तान सूर्यकुमार यादव ने संकेत दिया है कि तिलक वर्मा नंबर 3 पर बल्लेबाजी करेंगे, जो सालों तक विराट कोहली का स्थाई स्थान रहा है।

विशेषज्ञों की राय: 'होल्डिंग रोल' है जरूरी

पूर्व क्रिकेटर दीप दासगुप्ता का मानना है कि भारतीय टीम में अभिषेक शर्मा और इशान किशन जैसे पावर-हिटर्स हैं, लेकिन जब पिच कठिन होगी, तो तिलक वर्मा और सूर्यकुमार यादव ही वे दो खिलाड़ी हैं जो गेम को 'होल्ड' (Hold) कर सकते हैं। तिलक की बाएं हाथ की बल्लेबाजी भारत को मध्यक्रम में एक अतिरिक्त लाभ भी देती है।