T20 World Cup 2026 : सुनील गावस्कर ने आईसीसी के 'ग्रुप गेम' पर उठाए सवाल, बोले भारत-पाकिस्तान के लिए जानबूझकर बनाया आसान रास्ता
News India Live, Digital Desk: भारतीय क्रिकेट के दिग्गज और पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीमों के ग्रुप निर्धारण (Groupings) पर तीखा हमला बोला है। गावस्कर का मानना है कि आईसीसी (ICC) ने टूर्नामेंट का ड्राफ्ट इस तरह तैयार किया है जिससे न केवल भारत और पाकिस्तान के बीच हाई-प्रोफाइल मुकाबला सुनिश्चित हो सके, बल्कि दोनों टीमों को अगले दौर में पहुंचाने का रास्ता भी आसान रहे।
ग्रुप-A की बनावट पर गावस्कर का तंज: "असली जंग तो बाद में शुरू होगी"
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत और पाकिस्तान को ग्रुप-A में रखा गया है, जहां उनके साथ नामीबिया, अमेरिका (USA) और नीदरलैंड जैसी टीमें हैं। 'स्पोर्टस्टार' के लिए लिखे अपने ताजा कॉलम में गावस्कर ने स्पष्ट कहा कि यह ग्रुप काफी हल्का है। उन्होंने लिखा, "हाल के विश्व कप की तरह इस बार भी भारत और पाकिस्तान को न केवल एक ही ग्रुप में रखा गया है ताकि पारंपरिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच कम से कम एक भिड़ंत पक्की हो, बल्कि उन्हें जानबूझकर एक आसान ग्रुप में डाला गया है ताकि वे अगले दौर के लिए आसानी से क्वालीफाई कर सकें। इसलिए, इस टूर्नामेंट की असली लड़ाई अगले चरण (Super 8) से ही शुरू होगी।"
"पाकिस्तान को हल्के में न ले, अमेरिका फिर दे सकता है घाव"
लिटिल मास्टर ने साल 2024 के टी20 वर्ल्ड कप का उदाहरण देते हुए आगाह किया कि कागजों पर आसान दिखने वाला ग्रुप मैदान पर भारी पड़ सकता है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछली बार पाकिस्तान की टीम भारत और अमेरिका से हारकर सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो गई थी। गावस्कर के अनुसार, इस बार अमेरिका की टीम और भी खतरनाक साबित हो सकती है क्योंकि उनके पास मेजर लीग क्रिकेट (MLC) का अनुभव है।
एमएलसी (MLC) से बढ़ा 'एसोसिएट' देशों का आत्मविश्वास
गावस्कर ने उभरते हुए क्रिकेट देशों (USA, Netherlands) की प्रगति पर बात करते हुए कहा कि इन देशों के खिलाड़ियों का अब बड़े सितारों के प्रति 'खौफ' खत्म हो गया है। उन्होंने लिखा, "इन लीगों (MLC) का सबसे अच्छा हिस्सा यह है कि ये उभरते देशों के खिलाड़ियों के मन से बड़े नामों के प्रति डर को निकाल देती हैं। दिग्गज खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करना, उनकी तैयारी देखना और विफलता से निपटने के उनके तरीके को समझना ऐसी चीजें हैं जो किसी यूनिवर्सिटी में नहीं सीखी जा सकतीं। यही अनुभव उनके व्यक्तिगत खेल को आगे ले जा रहा है।"
आईसीसी का 'मार्केटिंग' फॉर्मूला?
क्रिकेट विशेषज्ञों का भी मानना है कि आईसीसी अक्सर रेवेन्यू और व्यूअरशिप के चक्कर में भारत-पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखता है। हालांकि, गावस्कर के इस बयान ने एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या वाकई बड़े देशों के लिए ग्रुप स्टेज को 'सेफ' बनाया जा रहा है? अब देखना यह होगा कि क्या ग्रुप-A में कोई बड़ा उलटफेर देखने को मिलता है या गावस्कर की भविष्यवाणी के अनुसार भारत और पाकिस्तान आसानी से आगे बढ़ेंगे।