IND vs NZ : बुमराह तो फरारी की तरह हैं, बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल ने बताया क्यों खतरनाक है जप्रीत पर ज्यादा निर्भरता

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News India Live, Digital Desk : विशाखापत्तनम। भारतीय क्रिकेट टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी20 मुकाबले से पहले टीम के मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की जमकर सराहना की है। मोर्कल ने बुमराह को 'दुनिया का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज' करार देते हुए एक दिलचस्प उपमा दी। उन्होंने कहा कि बुमराह एक 'फरारी' कार की तरह हैं, जिन्हें अगर सही तरीके से संभाला जाए, तो वे मैदान पर अविश्वसनीय प्रदर्शन करते हैं। हालांकि, इसके साथ ही मोर्कल ने बुमराह पर बढ़ते दबाव और टीम की उन पर 'अत्यधिक निर्भरता' को लेकर चिंता भी जताई।

"हर बार जादुई स्पेल की उम्मीद करना सही नहीं"

विशाखापत्तनम में मीडिया से बात करते हुए मोर्कल ने स्वीकार किया कि बुमराह भारतीय गेंदबाजी इकाई की रीढ़ हैं, लेकिन उन पर हमेशा मैच जिताने का दबाव रहता है। मोर्कल ने कहा, "जसप्रीत दुनिया के नंबर-1 गेंदबाज हैं, लेकिन उन्हें भी किसी ऐसे व्यक्ति की जरूरत होती है जिससे वे बात कर सकें। हर कोई उनसे उम्मीद करता है कि वे हर मैच में जादुई स्पेल डालेंगे और जीत दिलाएंगे। इस तरह की उम्मीदों का दबाव किसी भी खिलाड़ी पर भारी पड़ सकता है।"

बुमराह को लेकर मोर्कल का 'फरारी' वाला फॉर्मूला

आधुनिक टी20 क्रिकेट में जहां गेंदबाज लगातार तनाव में रहते हैं, वहां बुमराह मुश्किल ओवरों को भी आसान बना देते हैं। मोर्कल ने उनकी कार्यक्षमता पर कहा, "मैं हमेशा बुमराह से चेक करता रहता हूँ कि वह हमारी योजनाओं के साथ सहज हैं या नहीं। वह एक फरारी की तरह हैं; अगर सब कुछ ठीक चल रहा है, तो वह शानदार परफॉर्म करेंगे। लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि उन पर जरूरत से ज्यादा बोझ न पड़े।"

वर्ल्ड कप की सीक्रेट प्लानिंग: क्यों बदले जा रहे हैं बार-बार गेंदबाज?

न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में अब तक भारतीय टीम ने जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और वरुण चक्रवर्ती जैसे गेंदबाजों को अलग-अलग मैचों में आराम दिया है। मोर्कल ने स्पष्ट किया कि यह केवल 'वर्कलोड मैनेजमेंट' नहीं है, बल्कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।

कोच ने खुलासा किया, "हम अलग-अलग संयोजनों (Combinations) को आजमा रहे हैं ताकि विपक्षी टीमें वर्ल्ड कप से पहले हमारे खिलाफ कोई सेट प्लान न बना सकें। हम नहीं चाहते कि उन्हें पता हो कि हमारी मुख्य ताकत क्या है। हमारे पास ऐसे गेंदबाज हैं जो हर परिस्थिति में गेंदबाजी कर सकते हैं और हम रोटेशन के जरिए उन्हें तैयार कर रहे हैं।"

चौथे टी20 में नई रणनीति की उम्मीद

आज विशाखापत्तनम में होने वाले चौथे मुकाबले में भी भारतीय टीम एक नए बॉलिंग अटैक के साथ उतर सकती है। मोर्कल के बयानों से साफ है कि टीम इंडिया अब केवल बुमराह के भरोसे रहने के बजाय एक ऐसा 'बॉलिंग ग्रुप' तैयार करना चाहती है, जो बड़े टूर्नामेंट में किसी भी स्थिति से मैच निकाल सके।