सूर्या का अस्त होना टीम इंडिया को पड़ा भारी, खराब फॉर्म के बाद मैनेजमेंट ने दिया कड़ा फैसला लेने का संकेत
News India Live, Digital Desk : T20 क्रिकेट में जिसे दुनिया 'मिस्टर 360' कहती है, जिसका खौफ हर गेंदबाज के मन में बसता है, वही बल्लेबाज जब वनडे फॉर्मेट में आता है तो मानो अपनी सारी कला भूल जाता है। हम बात कर रहे हैं भारत के विस्फोटक बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) की, जो इस समय अपने करियर के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हाल ही में खत्म हुई वनडे सीरीज सूर्यकुमार के लिए किसी बुरे सपने जैसी साबित हुई, जहां वह तीन मैचों में तीन बार 'गोल्डन डक' यानी पहली ही गेंद पर शून्य पर आउट हुए। उनकी इस लगातार नाकामी ने भारतीय टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ा दी है, और अब सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि सूर्यकुमार को अपनी फॉर्म को लेकर एक 'कठिन निर्णय' (difficult decision) लेने के लिए कहा गया है।
क्या है यह 'कठिन निर्णय'?
टीम मैनेजमेंट के एक करीबी सूत्र ने खुलासा किया है कि कप्तान रोहित शर्मा और कोच राहुल द्रविड़ ने हमेशा सूर्या का समर्थन किया है, लेकिन अब पानी सिर से ऊपर जा रहा है। टीम उनसे यह उम्मीद नहीं कर सकती कि वह हर बार नाकाम होते रहें। उन्हें साफ-साफ कह दिया गया है कि उन्हें अपनी वनडे की गुत्थी को जल्द से जल्द सुलझाना होगा।
इस 'कठिन निर्णय' का मतलब यह हो सकता है कि या तो सूर्यकुमार यादव को कुछ समय के लिए टीम से ब्रेक लेकर घरेलू क्रिकेट में अपनी फॉर्म वापस पाने के लिए कहा जाए, या फिर उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठने के लिए तैयार रहना होगा।
क्या बल्लेबाजी क्रम है असली समस्या?
सूर्यकुमार की इस नाकामी के पीछे एक बड़ी वजह उनके बल्लेबाजी क्रम को भी माना जा रहा है। T20 में वह ज्यादातर नंबर 3 या 4 पर खेलते हैं, जहां उन्हें सेट होने के लिए पूरा समय मिलता है। लेकिन वनडे टीम में विराट कोहली और केएल राहुल जैसे दिग्गजों के होते हुए, उन्हें अक्सर नंबर 5 या 6 पर फिनिशर की भूमिका निभानी पड़ती है।
सूत्रों का कहना है, "सूर्यकुमार यादव नंबर 4 से नीचे बल्लेबाजी नहीं कर सकते। वह पारी को बनाने वाले खिलाड़ी हैं, तेजी से रन बनाने वाले फिनिशर नहीं। टीम में यह बात समझी जा रही है कि उन्हें इस पोजिशन पर खिलाना शायद काम नहीं कर रहा है।"
T20 का बादशाह, वनडे में क्यों बेबस?
यह irony ही है कि जो बल्लेबाज ICC T20 रैंकिंग में दुनिया का नंबर एक बल्लेबाज है, वह 50 ओवर के फॉर्मेट में अपनी लय खोजने के लिए तरस रहा है। ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उनकी कमजोरी पूरी तरह उजागर हो गई है, जहां मिचेल स्टार्क जैसे गेंदबाज ने उन्हें टिकने का मौका ही नहीं दिया।
कप्तान रोहित शर्मा ने भले ही públicamente सूर्या का बचाव किया हो और कहा हो कि उन्हें मौके दिए जाएंगे, लेकिन टीम मैनेजमेंट के अंदर का माहौल अब बदल रहा है। अब गेंद पूरी तरह से सूर्यकुमार यादव के पाले में है - क्या वह इस चुनौती से पार पाकर वनडे टीम में अपनी जगह पक्की कर पाते हैं, या फिर T20 स्पेशलिस्ट का ठप्पा उनके साथ हमेशा के लिए जुड़ जाएगा?