Surya Grahan 2026 : सूर्य ग्रहण के 'सूतक' काल में इन मंत्रों का जाप है महावरदान जानें बुरे प्रभावों से बचने का अचूक तरीका

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News India Live, Digital Desk: साल 2026 का आगामी सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) न केवल आसमान में एक अद्भुत नजारा दिखाएगा, बल्कि आपकी राशियों पर भी गहरा प्रभाव डालेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण के दौरान ब्रह्मांड में राहु और केतु का प्रभाव बढ़ जाता है, जिससे मानसिक और शारीरिक कष्ट हो सकते हैं। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है; हमारे ऋषि-मुनियों ने कुछ ऐसे शक्तिशाली मंत्रों (Power Mantras) के बारे में बताया है जो ग्रहण के नकारात्मक असर को 'जीरो' करने की ताकत रखते हैं।

ग्रहण काल में मंत्र जप क्यों है जरूरी?

शास्त्रों में कहा गया है कि सामान्य दिनों की तुलना में ग्रहण के समय किया गया मंत्र जाप हजार गुना अधिक फलदायी होता है। इस समय ध्वनि तरंगें सीधे आपके 'आभामंडल' (Aura) को शुद्ध करती हैं।

इन 4 मंत्रों का करें जाप:

गायत्री मंत्र: "ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्॥" (मानसिक शांति और बुद्धि की शुद्धि के लिए)।

महामृत्युंजय मंत्र: "ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥" (अकाल मृत्यु के भय और स्वास्थ्य समस्याओं से मुक्ति के लिए)।

सूर्य बीज मंत्र: "ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नम:॥" (सूर्य देव की कृपा पाने और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए)।

अष्टाक्षर मंत्र: "ॐ नमो नारायणाय" या "श्री कृष्ण शरणम मम" (भक्ति और सुरक्षा कवच के लिए)।

सूतक काल में क्या करें और क्या न करें?

सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है, जिसे 'अशुद्ध समय' माना जाता है।

भोजन का नियम: खाने-पीने की वस्तुओं में 'कुश' या तुलसी के पत्ते डालें ताकि वे दूषित न हों।

गर्भवती महिलाओं के लिए: ग्रहण के दौरान बाहर न निकलें और न ही किसी नुकीली चीज (कैंची, चाकू) का प्रयोग करें।

पूजा स्थल: ग्रहण के दौरान मंदिर के पट बंद रखें और मूर्तियों को स्पर्श न करें।

ग्रहण के बाद जरूर करें ये काम

जैसे ही ग्रहण समाप्त हो, सबसे पहले पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें। स्नान करने के बाद सफेद वस्तुओं (दूध, चावल, चीनी) का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। इससे कुंडली में 'सूर्य दोष' का प्रभाव कम होता है।