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March 25 2026 03:11 am

शिवहर DDC के ठिकानों पर SVU का सर्जिकल स्ट्राइक आय से अधिक संपत्ति मामले में ,ब्रजेश कुमार के घर और दफ्तर पर छापेमारी

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News India Live, Digital Desk: बिहार में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ नीतीश सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत मंगलवार, 24 मार्च 2026 को एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। विशेष निगरानी इकाई (SVU) की टीम ने शिवहर के उप विकास आयुक्त (DDC) ब्रजेश कुमार के आवास और कार्यालय पर एक साथ धावा बोला। आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के मामले में हुई इस छापेमारी ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति, बेनामी जमीन के दस्तावेज और भारी मात्रा में नकदी मिलने की सूचना है।

1. सुबह-सुबह पटना से शिवहर तक मची खलबली

पटना से आई SVU की विशेष टीम ने सुबह करीब 6 बजे ब्रजेश कुमार के शिवहर स्थित सरकारी आवास और उनके कार्यालय को चारों तरफ से घेर लिया।

एक साथ कई ठिकानों पर रेड: केवल शिवहर ही नहीं, बल्कि पटना स्थित उनके निजी आवास और पैतृक गांव में भी निगरानी की टीमें एक साथ कार्रवाई कर रही हैं।

सुरक्षा घेरा: छापेमारी के दौरान किसी को भी अंदर जाने या बाहर आने की अनुमति नहीं दी गई। घर के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

2. काली कमाई का 'कुबेर' खजाना? (शुरुआती बरामदगी)

सूत्रों के अनुसार, ब्रजेश कुमार के पास उनकी वैध आय से कई गुना अधिक संपत्ति होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी।

नकद और जेवर: छापेमारी में अब तक लाखों रुपये नकद और भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात मिलने की बात सामने आ रही है। नोट गिनने के लिए मशीनें मंगवाए जाने की भी चर्चा है।

जमीन के दस्तावेज: पटना, रांची और दिल्ली जैसे शहरों में कई प्लॉट और फ्लैट्स के कागजात बरामद किए गए हैं। इसके अलावा कई बैंक खातों और निवेश (Insurance/Stocks) के सबूत भी हाथ लगे हैं।

3. भ्रष्टाचार का जाल: विकास के पैसों में 'सेंध'?

ब्रजेश कुमार शिवहर में डीडीसी के पद पर तैनात थे, जिनके पास जिले के विकास कार्यों (मनरेगा, आवास योजना आदि) की पूरी कमान थी।

आरोप: निगरानी विभाग को शिकायत मिली थी कि विभिन्न योजनाओं के टेंडर और कार्यान्वयन में बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी की गई है।

जांच का दायरा: SVU की टीम अब उनके कार्यकाल के दौरान पास किए गए महत्वपूर्ण फाइलों और ठेकेदारों के साथ उनके संबंधों की भी पड़ताल कर रही है।

4. प्रशासनिक गलियारे में सन्नाटा

इस बड़ी छापेमारी के बाद शिवहर कलेक्ट्रेट में सन्नाटा पसरा हुआ है। कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी रडार पर होने के डर से भूमिगत हो गए हैं। निगरानी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “ठोस सबूतों के आधार पर FIR दर्ज करने के बाद यह सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद संपत्तियों का सटीक आकलन सार्वजनिक किया जाएगा।”