संकट मोचन का साथ और भक्तों का अटूट विश्वास ,आज मंगलवार को जरूर पढ़ें यह अद्भुत हनुमान आरती
News India Live, Digital Desk: अगर आप हनुमान जी के भक्त हैं, तो "आरती कीजै हनुमान लला की" की धुन सुनते ही आपके पैर खुद-ब-खुद मंदिर की ओर बढ़ जाते होंगे। ये आरती इतनी शक्तिशाली और मधुर है कि इसे गाते वक्त रोंगटे खड़े हो जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि इस आरती की हर लाइन में बजरंगबली की बहादुरी और उनके दयालु स्वभाव का कितना सुंदर वर्णन है?
जब हम गाते हैं दुष्ट दलन रघुनाथ कला की"तो यह याद दिलाता है कि हनुमान जी ने कैसे बुराई का नाश किया। फिर चाहे वो लंका दहन हो या पाताल लोक में जाकर अहिरावण का अंत करना, उनकी शक्तियाँ अपार हैं।
कब और कैसे करें पाठ?
वैसे तो आप बजरंगबली को किसी भी वक्त याद कर सकते हैं, क्योंकि वे तो प्रेम के भूखे हैं। लेकिन परंपरा के अनुसार, मंगलवार और शनिवार की शाम को धूप-दीप जलाकर सामूहिक रूप से इस आरती को गाना बहुत शुभ माना जाता है। कहते हैं कि जहाँ इस आरती की गूंज होती है, वहाँ से नकारात्मक शक्तियाँ और घर का कलह कोसों दूर रहता है।
अगर आपका मन अशांत रहता है या रात को बुरे सपने आते हैं, तो बिस्तर पर जाने से पहले भी आप इसे गुनगुना सकते हैं। ये सिर्फ एक पूजा का तरीका नहीं है, बल्कि यह ईश्वर से सीधा जुड़ने का एक जरिया है। तो चलिए, आज इस पवित्र आरती को दोहराते हैं:
(आरती के कुछ अंश)
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।
जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांपे।।
अंजनी पुत्र महा बलदायक। संतन के प्रभु सदा सहायक।।
पूरी श्रद्धा के साथ जब हम कहते हैं कि "हनुमान जी हमारे रक्षक हैं", तो यकीन मानिए, वह एहसास ही बदल जाता है। हनुमान जी की भक्ति में सबसे खूबसूरत बात यही है कि वे बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं; बस आपका मन साफ़ होना चाहिए।