Bihar Home Guard : ट्रेनिंग सेंटर पर प्रैक्टिस कर रहे जवान की अचानक मौत, परिवार में मचा कोहराम

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News India Live, Digital Desk: आज 31 दिसंबर 2025 है, पूरा देश नए साल के स्वागत के जश्न में डूबा है, लेकिन बिहार के एक परिवार के लिए यह दिन उम्र भर का गम दे गया। कहते हैं कि किस्मत का लिखा कोई नहीं बदल सकता, और कुछ ऐसा ही हुआ उस जाबांज़ होमगार्ड जवान के साथ, जो देश सेवा और अपनी फिटनेस के लिए पसीना बहा रहा था, पर किसे पता था कि एक साधारण सी हाई जंप उसकी ज़िंदगी की आख़िरी जंप साबित होगी।

जुनून बना मौत का सबब?

घटना उस समय की है जब होमगार्ड के जवान अपने रूटीन के अनुसार ट्रेनिंग और फिजिकल ड्रिल में जुटे थे। ड्रिल के दौरान ही हाई जंप (High Jump) का सत्र चल रहा था। खबरों के मुताबिक, जवान अपनी पूरी ऊर्जा के साथ छलांग लगा रहा था, लेकिन अचानक संतुलन बिगड़ा या फिर कोई अंदरूनी चोट लगी, वह सीधे ज़मीन पर आ गिरा।

मैदान पर मौजूद अन्य साथी उसे तुरंत उठाने दौड़े, पर वह अचेत हो चुका था। जहाँ खेल और पसीने की आवाज़ें आ रही थीं, वहां चंद पलों में ही चीख-पुकार मच गई।

अस्पताल और बेबस डॉक्टर

आनंद-फानन में घायल जवान को पास के अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन शायद नियति को कुछ और ही मंज़ूर था। अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआती अंदाज़ों के मुताबिक, गिरने की वजह से सिर में गंभीर चोट आई या फिर शारीरिक तनाव के चलते अचानक हृदय गति रुकने (Heart Attack) की भी आशंका जताई जा रही है। हालाँकि, असली वजह पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही साफ़ होगी।

परिवार की आँखों के धुंधले होते सपने

उस जवान के लिए वर्दी पहनना महज़ एक नौकरी नहीं, बल्कि इज़्ज़त और रुतबे की बात थी। वह मेहनत कर रहा था ताकि आगे चलकर खुद को और भी मज़बूत साबित कर सके। उसके घर में कल से नए साल के पकवान बनने की चर्चा थी, पर अब वहां सिर्फ रोने और सिसकियों की आवाज़ें हैं। उस बूढ़े पिता और बेबस माँ के आंसुओं का जवाब किसी के पास नहीं है।

ट्रेनिंग के दौरान बढ़ते हादसों पर सवाल?

यह कोई पहली बार नहीं है जब फिजिकल ट्रेनिंग या भर्ती परीक्षाओं के दौरान किसी जवान की जान गई हो। अक्सर शरीर पर पड़ने वाला अत्यधिक बोझ और सुरक्षा इंतज़ामों की कमी ऐसे बड़े हादसों की वजह बन जाती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हाई जंप जैसे मुश्किल स्टेप्स के दौरान ज़मीन पर प्रॉपर गद्दे और फौरी चिकित्सा की व्यवस्था का होना बेहद ज़रूरी है।