डब्ल्यूपीएल में बनाया ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड, जिसे देख विराट कोहली का भी सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा

Post

News India Live, Digital Desk: अगर आप क्रिकेट के दीवाने हैं और बैंगलोर यानी आरसीबी के फैन हैं, तो आज का दिन आपके लिए किसी दिवाली से कम नहीं है। सालों साल जिस "Ee Sala Cup Namde" (इस साल कप हमारा है) के नारे का मज़ाक उड़ता था, उसी मज़ाक को आज आरसीबी की महिला ब्रिगेड ने एक शानदार इतिहास में बदल दिया है। डब्ल्यूपीएल (WPL 2026) के मैदान से एक ऐसी खबर आई है जिसने हर आरसीबी फैन की आँखों में खुशी के आँसू ला दिए हैं।

आरसीबी की इस टीम ने वो कारनामा कर दिखाया है जिसे डब्ल्यूपीएल के इतिहास में पहली बार किसी टीम ने हासिल किया है।

स्मृति मंधाना की कप्तानी का जादू
जब से स्मृति मंधाना ने टीम की कमान संभाली थी, उम्मीदें तो बहुत थीं लेकिन दबाव भी उतना ही था। लेकिन जिस तरह से इस टीम ने खेल के हर विभाग में अपना दबदबा दिखाया, उसने साबित कर दिया कि "किंग" की टीम की ये "क्वींस" किसी से कम नहीं हैं। मंधाना की शांत लीडरशिप और एलिस पेरी जैसे दिग्गजों का अनुभव इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे की सबसे बड़ी ताकत रही।

क्यों खास है यह रिकॉर्ड?
अक्सर आरसीबी पर यह ठप्पा लगाया जाता रहा है कि वे बड़े मैचों में आकर घबरा जाते हैं, लेकिन डब्ल्यूपीएल की इस जीत और बने नए रिकॉर्ड ने पुरानी सारी कड़वी यादों को धो डाला है। चाहे वह रनों की रफ़्तार हो या फील्डिंग में दिखाई गई मुस्तैदी, आरसीबी ने बाकी टीमों के लिए एक नया स्टैंडर्ड सेट कर दिया है। सोशल मीडिया पर फैंस का कहना है कि "भले ही मेंस टीम को इंतज़ार करना पड़ा हो, लेकिन हमारी लड़कियों ने सबका दिल जीत लिया।"

फैंस का जज़्बा और माहौल
एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में जिस तरह का माहौल होता है, वह किसी से छुपा नहीं है। लाल जर्सी में सराबोर फैंस और हवा में गूंजता 'RCB-RCB' का शोर, खिलाड़ियों को वो हिम्मत देता है जो किसी और टीम के पास शायद ही हो। यह जीत सिर्फ उन 11 खिलाड़ियों की नहीं है, बल्कि उन लाखों फैंस की है जिन्होंने हर हार के बाद भी अपनी टीम का साथ नहीं छोड़ा।