विधानसभा का अजब नजारा जब विधायक पत्नी ने ही दाग दिए मुख्यमंत्री पति पर सवाल, सदन में मांगने लगीं विकास का हिसाब
News India Live, Digital Desk: राजनीति के मैदान में अक्सर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिलती है, लेकिन हाल ही में विधानसभा के अंदर एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने सबको हैरान कर दिया। सदन की कार्यवाही के दौरान एक महिला विधायक ने किसी विपक्षी नेता की तरह नहीं, बल्कि एक सजग जन-प्रतिनिधि के रूप में मुख्यमंत्री (जो कि उनके पति भी हैं) से सीधे सवाल पूछ लिए। उन्होंने राज्य में हुए विकास कार्यों की पूरी 'डिटेल' मांगते हुए जवाब मांगा।
पति-पत्नी नहीं, यहाँ मामला 'मुख्यमंत्री और विधायक' का था
सदन में जब प्रश्नकाल चल रहा था, तब महिला विधायक ने अपनी सीट से उठकर मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए राज्य की बुनियादी सुविधाओं और विकास परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर सवाल किए। उन्होंने स्पष्ट रूप से पूछा कि जनता के लिए जो वादे किए गए थे, वे ज़मीनी स्तर पर कितने पूरे हुए हैं।
विकास की डिटेल: विधायक पत्नी ने विशेष रूप से सड़कों, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी फाइलों का अपडेट मांगा।
हैरान रह गए सदस्य: सदन में मौजूद अन्य मंत्री और विधायक इस वाकये को देख मुस्कुराने लगे, लेकिन मुख्यमंत्री ने पूरी गंभीरता के साथ अपनी पत्नी (विधायक) के सवालों का जवाब दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ "लोकतंत्र का खूबसूरत नजारा"
विधानसभा की इस कार्यवाही का वीडियो और खबरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग इसे 'लोकतंत्र की खूबसूरती' बता रहे हैं, जहाँ रिश्तों से ऊपर उठकर संवैधानिक कर्तव्यों को प्राथमिकता दी गई।
सजग विपक्ष का किरदार: राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह एक सकारात्मक संदेश है कि घर के रिश्ते सदन की मर्यादा और जनता के प्रति जवाबदेही के बीच नहीं आने चाहिए।
जवाबदेही तय करना: जब एक विधायक अपनी ही पार्टी और परिवार के मुखिया से सवाल पूछता है, तो इससे शासन में पारदर्शिता की उम्मीद बढ़ती है।
मुख्यमंत्री का जवाब: "हर सवाल का हिसाब दिया जाएगा"
मुख्यमंत्री ने भी सदन की गरिमा को बरकरार रखते हुए अपनी विधायक पत्नी के सवालों का बिंदुवार जवाब देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार हर विधायक के प्रति जवाबदेह है और राज्य के विकास का पूरा ब्यौरा सदन के पटल पर रखा जाएगा। यह वाकया चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि अक्सर ऐसे सार्वजनिक मंचों पर पारिवारिक सौहार्द की वजह से तीखे सवालों से बचा जाता है।