स्टालिन का पीएम मोदी पर बड़ा हमला जितनी बार आएंगे, उतनी बड़ी होगी NDA की हार चुनाव से पहले तमिलनाडु में सियासी घमासान तेज
News India Live, Digital Desk : तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के साथ ही जुबानी जंग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (MK Stalin) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बार-बार होने वाले तमिलनाडु दौरों पर तंज कसते हुए बड़ा दावा किया है। कन्याकुमारी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए स्टालिन ने कहा कि पीएम मोदी जितनी बार राज्य का दौरा करेंगे, एनडीए (NDA) की हार का अंतर उतना ही बढ़ता जाएगा।
'दिल्ली से नहीं, चेन्नई से चलेगा तमिलनाडु'
मुख्यमंत्री स्टालिन ने क्षेत्रीय स्वायत्तता का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा:
चेन्नई बनाम दिल्ली: "तमिलनाडु का शासन सेंट जॉर्ज फोर्ट (चेन्नई) से चलना चाहिए, न कि दिल्ली से। यह चुनाव तय करेगा कि तमिलनाडु की पहचान क्या होगी।"
भेदभाव का आरोप: स्टालिन ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार गुजरात जैसे राज्यों को मेट्रो प्रोजेक्ट्स की सौगात दे रही है, जबकि तमिलनाडु की जायज मांगों और बजट आवंटन को नजरअंदाज किया जा रहा है।
विकास के दावों पर घेरा
स्टालिन ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि जहाँ बीजेपी सत्ता में होती है, वहाँ विकास की सूची में उन राज्यों का नाम नहीं होता। उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार का जिक्र करते हुए 'डबल इंजन' सरकार को 'डिब्बा इंजन' करार दिया और कहा कि तमिलनाडु का 'द्रविड़ियन मॉडल' पूरे देश के लिए मिसाल है।
चुनाव 2026: तमिलनाडु का सियासी गणित
234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा के लिए मुकाबला त्रिकोणीय होता दिख रहा है:
| पक्ष | मुख्य चेहरा | रणनीति |
|---|---|---|
| DMK+ (इंडिया गठबंधन) | एमके स्टालिन | द्रविड़ियन मॉडल और भाषाई गौरव |
| AIADMK-BJP (NDA) | एडप्पादी पलानीस्वामी / पीएम मोदी | डबल इंजन विकास और एंटी-इनकंबेंसी |
| TVK (नई एंट्री) | थलपति विजय | युवा वोटर्स और नया विकल्प |
सांप्रदायिक सौहार्द पर जोर
कन्याकुमारी में बोलते हुए सीएम ने कहा कि यह जिला एकता का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी राज्य में विभाजनकारी राजनीति करने की कोशिश कर रही है, लेकिन द्रविड़ियन मॉडल अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और बहुसंख्यकों के साथ भाईचारा सुनिश्चित करता है।
स्टालिन का तंज: “चुनाव आते ही कुछ लोग तमिलनाडु की गलियों के चक्कर लगाने लगते हैं, लेकिन जनता जानती है कि पिछले 10 सालों में उनके लिए कुछ नहीं किया गया।”